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Monday, October 15, 2012

अनकंट्रोल्ड प्रेस कान्फ्रेन्स



Note : यह हल्का-फुल्का लेख केवल समझदार वयस्कों के लिये है, रंग-बिरंगा झंडा फहराने वाले कतिपय वयस्क-गण इस लेख से तनिक दूरी बनाये रखें :-)
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"श्रीमान जन्गी जी, आप बताइये इन पत्रकारों को कि क्या आपको परिवार नियोजन के लिये हमारी एनजीओ से कोई कंडोम मिला था या नहीं मिला था" ?

"मिला तो था एक पैकेट लेकिन हम कहे जब खतम हो जायगा तो फिर मिलेगा...."

"देखा....देखा.....देखा.....फिर मिलेगा......यही है सच्चाई......आप लोग नाहक बात बनाते हैं"

"लेकिन आपने जिन्हें कंडोम दिया वे तो बूढ़े हैं, उनकी प्रजनन वाली उम्र तो नहीं लगती" .

"यह जाँच का विषय है, आप चाहे तो जाँच करा लिजिये कि वे अभी इस उम्र में भी सक्षम हैं या नहीं.....हो जाने दें जाँच".

"उन्हीं से क्यों नहीं पूछा जाता, जन्गी जी आप के कितने बच्चे हैं" ?

"आठ".

"क्या परिवार नियोजन का कंडोम काम नहीं आया" ?

"आया , बहुत काम आया".

"देखा...देखा...काम आया कह रहे हैं और आप पत्रकार लोग बस बाते बनाते हो".

"लेकिन जब आपको कंडोम दिया गया था इनकी एनजीओ की ओर से तब आठ बच्चे कैसे हो गये" ?

"अब हम कइसे बतायें कि कैसे हो गये".

"हमारा कहने का मतलब है कि क्या कंडोम घटिया क्वालिटी का था" ?

"घटिया तो नहीं हां, एक दिन से ज्यादा नहीं चलता था".

"माने, आप क्या उसे पूरा दिन पहने रहते थे" ?

"हां, पहनता था".

"अरे आप को पता है आप क्या कह रहे हैं, कंडोम भला कोई पूरा दिन पहने रह सकता है, कहीं नेताजी किसी आगल पागल को तो नहीं पकड़ लाये" ?

"देखिये अब ये जन्गी जी का मन है कि वे कंडोम दिन भर पहने रहें तो ये उनकी मर्जी है, आप हम कैसे रोक सकते हैं.... ये जन्गी जी दिमागी रूप से स्वस्थ हैं औऱ भला चंगा काम करते हैं"

"जन्गी जी, आप क्या काम करते हैं" ?

"मैं रन्दा मिस्त्री हूं, लकड़ीयों पर रन्दा चलाता हूँ उन्हें "पलेन" बनाता हूँ"

"पिछली बार आपको कंडोम का पैकेट कब मिला था" ?

"एक महीना पहले".

"कितने थे एक पैकेट में" ?

"यही कोई तीस पैंतीस होंगे बकि हम तीन ही दिन में खतम कर देते थे".

"हांय, आप ऐसा क्या ...मेरा मतलब है कि ऐसा कौन सा....आई मीन...ऐसा कैसे हो सकता है कि तीन दिन में तीस कंडोम खत्म हो जांय" ?

"अरे एक दिन में दस काम में लेते थे तो तीन दिन में तीस न हुए".

"आप एक दिन में दस कंडोम कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं" ?

"अरे हभई उनकी मर्जी, वो चाहे जितना खतम करें, मुद्दे की बात है कि हमने कंडोम वितरण अपने एनजीओ के जरिये किया था, मसला समाप्त".

"तो भी ये कैसे संभव है कि एक शख्स दिन में दस दस कंडोम यूज करे....क्या पता बाजार में ले जाकर बेचता होगा...जंगी जी क्या आप उन कंडोम्स को बाजार में लेजाकर बेचते थे" ?

"नहीं, हमको खुदै कम पड़ जाता था तो हम बाहर क्यों बेचेंगे".

"आखिर आपको कम कैसे पड़ जाता था...हम लोग जानना चाहते हैं" ?

"देखिये पांच "कन्नोम" इस हाथ की उंगली में पहनते थे और पांच "कन्नोम" इस हाथ की पाँचों उंगली में पहनते थे और वही पहनकर रंदा चलाते थे तो हाथ सुरच्छित रहता था".

"ओह तो क्या आप ......." ?

"देखिये अब आप लोग ज्यादा निजी सवाल पूछ रहे हैं, मुद्दा यही था कि कंडोम का वितरण हुआ था या नहीं हुआ था, जंगी जी की बात से साबित होता है कि कंडोम का वितरण हुआ था, अब प्रेस कान्फ्रेंस समाप्त करता हूँ".

"नहीं नहीं आप को जवाब देना पड़ेगा, आप को जवाब देना पडेगा कि कैसे जंगी जी कंडोम को उंगलियों में पहन कर रन्दा चलाते थे.....क्या आप के एनजीओ ने दस्ताने नहीं बांटे थे यदि नहीं तो ऐसा क्यों" ?

"देखिये ये हमारा विषय नहीं है, अब यह बांटने के बाद कौन कैसे इस्तेमाल करता है हम कैसे बतायें" ?

"नहीं आपको बताना पड़ेगा मंत्री जी, आपको बताना ही पड़ेगा".

"डोन्ट पॉइन्ट फिंगर एट मी...डोन्ट पॉइन्ट फिंगर एट मी..."

"नहीं आपको बताना पड़ेगा..."

"जन्गी जी से पूछिए...."

"जन्गी जी आपको किसने बताया था कि कंडोम को उंगलियों में पहनना चाहिये" ?

"अब वही एक मैडम और एक डॉकटर साहेब आये थे, मैडम तो नहीं लेकिन डाकटर साहब उंगली में पहिनके बता रहे थे तो हम समझ गये थे"।

"देखिये, आपके एनजीओ ने जो डॉक्टर भेजा वो भी सही नहीं था, उसने गाँव वालों को गलत जानकारी बताई".

"देखिये, ये जाँच का विषय है, आप जाँच करा लें कि हमारे डॉक्टर कैसे गाँव में डेमो देते हैं या कैसे दे सकते हैं लेकिन मूल बात यही है कि कंडोम का वितरण हमारे एनजीओ की ओर से हुआ था और इसमें कोई भी....मैं फिर कहता हूँ कि कोई भी धांधली नहीं की गई...जिसे शंका हो, वो कोर्ट जा सकता है, उसकी जाँच कराई जा सकती है...अरे आप अब ....जी ? .... अरे बच्चे लोग गाँव में कंडोम को फुग्गा बनाकर उड़ा रहे हैं तो इसमें हम क्या कर सकते हैं, जाइये आप गाँव में जाकर पता किजिए.....जाइये जाँच कराईये...."

- सतीश पंचम

16 comments:

Dr V B said...

OMG!

Finger story in 'banana' republic!!
U write it in English also.

+ek-sealant+

A+

Vivek Rastogi said...

अजब गजब अल्टीमेट लिखे हैं, बहुत हँसे हैं मजा आ गया, ये तो एडल्ट नहीं स्वस्थ्य एन्टरटेन्मेंट है ।

प्रवीण पाण्डेय said...

गजबै बखाना है..

देवेन्द्र पाण्डेय said...

बूढ़े पढ़कर, बिना कमेंट किये, केवल स्माइली लगा कर जा सकते हैं।:)

अनूप शुक्ल said...

देवेन्द्र पाण्डेय जी को फ़ालो कर रहे हैं स्माइली लगाकर कर :)

Atul said...

ह्हाहाहा बहुत सही

anshumala said...



क्या वो "प्रेस कांफ्रेंस" थी हम को लगा की कोई गेम हो रहा है क्योकि मंत्री जी ने कहा की उन्होंने गेम ऑफ़ रुल तय कर दिया है उसके बाहर कोई नहीं जायेगा और आप तो पूरा गेम दुसरे ही मैदान में ले कर चले गए :)))))) 200 करोड़ रु रखे है क्या एंटी में मंत्री जी ने पढ़ लिया तो कहेंगे गटर के कीड़े तुम को कर्ट में देखा लूँगा ।

anshumala said...

* कोर्ट

सतीश पंचम said...

अंशुमाला जी,

खुर्शीद चच्चा और लुई चच्ची यदि सभी से 200 - 200 करोड़ लेते रहे तो बिना कुछ किये धरे ही दुनिया के सबसे ज्यादा अमीर हो जायेंगे.

वैसे कल एक बेनी नाम के प्राणी ने कहा था कि सलमान 71 लाख जितनी छोटी रकम का घपला नहीं कर सकते. समझ ही नहीं आ रहा था कि बंदा तारीफ कर रहा है कि उसकी बेईमानी का पैमाना बता रहा है :)

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

एक घोटाला कंडोम इस्‍तेमाल संबंधी जागृति का भी बनता है...

Dr V B said...

Ladies also should not use foul words if they expect gents not to use.

प्रवीण शाह said...

.
.
.
हा हा हा हा,

गज्जब !



...

सञ्जय झा said...

@ समझ ही नहीं आ रहा था कि बंदा तारीफ कर रहा है कि उसकी बेईमानी का पैमाना बता रहा है :)

kya kariye.....sab kuch uncontrolled jo ho raha


..........

Abhishek Ojha said...

:)

smt. Ajit Gupta said...

इसी प्रकार के घपलों का बाजार गर्म है आजकल।

क्षितिज said...

OMG!!!
hum lot-pot ho gaye ese padhkar..

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