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Sunday, March 18, 2012

हाऊ टू कम्पलेन दीदी.....

“दीदी हम आपको पइले ही बोला वो ठीक आदमी नेयी है उसको टिरेन का मिनि-शटर नेयी बनाना लेकिन आप हमेरा शुना ही नेयी दीदी”

“दीदी....हमकू तो ओयी टेम लगा था कि जो आदमी किलर्क बनना मांगता उशे आप टिरेन का मिनि-शटर बनाना केयू चाहेगा....लेकिन दीदी आप किसी का शुनता ही नेयी दीदी......अउर दीदी वो आदमी का घोमोण्ड देखो.....”

“नेयी आभी वो आपशे लिख के मांगता है कि हाटाना है तो हाटाओ लेकिन लिख के देओ.....किया वो आदमी किया शामझा कि दीदी इधर उशके जइशे किलर्क है जो ....”

“नेयी दीदी हामरा वो मतलब नेयी था.....वो किलर्क होता न वो जो कागज काम में हमेशा पोक्का बात करने के लिये बोलछी....ओ वाला किलर्क....”

“नेयी दीदी हाम आपका बात नेयी टालेगा दीदी....जिश दिन हाम आपका बात नेयी माना आप हमको ...आप हमको....ए....ए काला चोप्पल से मारना दीदी.......ये वाला चोप्पल से मारना दीदी...ये….”

“ओ शारी शारी दीदी........वो जोश में आके आपना चप्पल आपका मुं का पास ले गेया दीदी....बाकी चोप्पल शाफ है दीदी.....काल ही हाम कालीगंज से नेया खरीदा था.....”

“ऐ फेला....दीदी पेपर पेड मांगता है ला....खाली बेइठ के ये पारटी वाला का हम तेल निकाला....ओ पारटी का हम चाय निकाला बोल बोल के ......”

“हां दीदी येई लो पेपर पैड....आन पेन...ए फेला....तू पेन कउन तेरा फूफा लाएगा रे....की दिमाग केधर है तेरा....दीदी ये लो नाया वाला पेन .....काल ही बोलपुर का बाजार शे लाया दीदी....”

“नेयी दीदी ओ आदमी का नाम चिठी मत लिखो दीदी....उसका नाम लिखके आपना हाथ कियू गंदा करना....ओ मानूश को शेन्टर जेइशे शीखना न दीदी कि मुं बान्द कारेगा तो दुई-दुई टार्म तक बोड़ा वाला मिनि-शटर.....”

“आप लिखो दीदी...आप लिखो हाम ईधर ....ये जमीन पे बेइठा है दीदी...आप लिखो जो आपको लिखना हो....ऐ फेला....जाके पानी ले के आ...अउर देख ठान्डा पानी नेयी लाना हामको शापथ लेना टाईम जोकाम होएगा तो पूरा शापथ नेयी ले पायेगा.....पाद का शापथ लेगा तो गोपनेयता का शापथ नेयी लेयेगा..... ना गोपनेयता का शाप्पथ लेगा तो पाद का शाप्पथ भूल जायेगा..... ओइशे नेयी होना...शादा पानी ले आ”

“हां, दीदी....आप हामको बुलाया दीदी....”

“आरे दीदी आप ये किया किया.....हामरा नाम मिनि-शटर के लिये डाल देया....हाम आपका पार्टी भारकर दीदी....हामको आशमान में मत फेको दीदी......”

“हाम आपका हाथ जोड़ता दीदी हामको इधर ही पारटी भारकर रेन दो दीदी.....मिनिश्टर ना बनाओ”

“नेयी ओ बात नेयी....आप उशको भी बना शकता दीदी लेकिन ओ आदमी थोड़ा गोंडोगोल दीदी......देखा नेयी उश दिन पार्टी का मीटिंग में केइसा जोर जोर शे बोलून....ओ भी आपके शामने दीदी आप उधर बेइठा था तभी भी वो मीटिंग में....शोचो वो आदमी भी अइसा ही किलर्क निकेल गेया तो....”

“दीदी जेइशा आप बोलो दीदी ....हाम मिनि-शटर बन जाता लेकिन हाम राहेगा भारकर ही दीदी.....”

“दीदी चाय खाबो दीदी.....फेला चाय भी ला...दीदी आप आइशा कारो आभी ओ उसको हाटाने का लेटर भी लिख ही दो दीदी....किया है कि जितना देर ओ रेहेगा ....उतना देर में अउर उसका घोमोण्ड बेढ़ेगा ही दीदी....आप लेटर लिख ही दो....कि आप उशका बदले हामको मिनि-शटर बनाना मांगाता....ऐ तरहा से दीदी जो वो बोलाना कि हामको दीदी लिख के देगा ताभी हाटेगा....तो वो भी पूरा हो जायेगा अउर हाम मिनि-शटर भी बान जायेगा नेयी तो केया होएगा ना दीदी....वो ….”

“लो दीदी चाय.....ऐ फेला...तू भी चाय ले....देखो दीदी हाम फेला तक को आपना तेरफ से चाय देता हेय...हम येयी तरे से शेन्टर में भी रेएगा दीदी...शाब बड़ा....छोटा एके जेइशा दीदी....”
“हे हे हे..... चालता हूं दीदी....पाद आउर गोपनेयता का शाप्पथ लेना हे...चालता हूं…ए फेला....तू भी नेया वाला कोपड़ा पेहेन ले....देख हाम मिनि-शटर बनेने जा रेहा ए.....”


- सतीश पंचम

( यह बतकूचन काल्पनिक है,  इस बतकूचन का किसी जिवित या अजिवित से कोई सम्बन्ध नहीं है  :)

 चित्र : गूगल बाबा से साभार

13 comments:

Vivek Rastogi said...

हम बोलेगा तो बोलोगे कि बोलता है ! सही सारे मिनि-श्टर ऐसे ही हैं

प्रवीण पाण्डेय said...

का माँगू, कछु थिर न रहाई।

अनूप शुक्ल said...

क्या बतकूचन है ! :)

काजल कुमार Kajal Kumar said...

( यह बतकूचन काल्पनिक है, इस बतकूचन का किसी जिवित या अजिवित से कोई सम्बन्ध नहीं है :)

अच्छा किया जो बता दिया ☺

Archana said...

हा हा बतकूचन!!.....किसी से कोई संबंध नहीं सब जानते हैं ....

Arvind Mishra said...

ऐसे काहें को बोल्छे दीदी नाराज़ होएबे!

देवेन्द्र पाण्डेय said...

बत..कूचन, हास रस..चूअन है:)

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति...

Rahul Singh said...

प्‍यारी और सक्षम भाषा, इस्‍तेमाल भी अधिकारपूर्वक.

mridula pradhan said...

manoranjak.....

वाणी गीत said...

मिनी शटर...रोचक समानता निकली !

rds,earthpage said...

bilkul chokha bole ho.

ajit gupta said...

बहुत बढिया रहा दीदी संग वार्तालाप।

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