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Saturday, February 18, 2012

मूवी गाइड

     कल्पना करें कि Star Movies पर कोई अंग्रेजी फिल्म आ रही है, टीवी स्क्रीन पर कॉर्नर में उसका नाम भी दिख रहा है लेकिन आप तय नहीं कर पाते कि उस फिल्म को देखें या न देखें। आप थोड़ा बहुत देखकर चैनल बदल देते हैं। लेकिन सोचिये यदि तत्क्षण आपको कोई संक्षिप्त रूप में बताये कि इस फिल्म को कितने की स्टार रेटिंग है, समीक्षकों की नजर में यह कैसी फिल्म है, इसका मूल प्लॉट क्या है, कलाकार कौन कौन से हैं तो आप की रूचि निश्चित ही उस फिल्म को देखने में बढ़ जायेगी। कुछ ऐसी ही खूबियों को अपने में समेटे है हाल ही में खरीदी अंग्रेजी फिल्मों की डिक्शनरी 2012 Movie guide.


     इसे 240/- में खरीदा था मुंबई के किताब खाना से। 1600 पेज की इस डिक्शनरी में करीब सत्रह हजार अंग्रेजी फिल्मों के संक्षिप्त विवरण है। कैप्स्यूल समीक्षायें हैं जिन्हें पढ़ते हुए पूरी तरह आप खो से जाते हैं। एक से एक फिल्मों के बारे में विवरण है, मूल प्लॉट, उस फिल्म को मिले पुरस्कार, उससे जुड़ी यादों को रेटिंग सहित समेटा गया है। हांलाकि जरूरी नहीं कि रेटिंग सही सही हो लेकिन एक अनुमान तो लग ही जाता है कि फिल्म कैसी होगी। अधिकतम रेटिंग जहां चार स्टार की है तो खराब फिल्मों के लिये BOMB की रेटिंग है। BOMB (Bottom of the Barrel Movie) बोले तो एकदम फालतू।

      इस डिक्शनरी की एक और खूबी बहुत अच्छी लगी कि यह IMDB की तर्ज पर बता भी देता है कि फिल्म CD में है या DVD में अथवा दोनों में। रंगीन है या श्वेत-श्याम। पैरेंटल गाइडेंस (PG) है या रेस्ट्रिक्टेड (R) अथवा जनरल (G). फिल्मों के नाम भी डिक्शनरी की तर्ज पर समाविष्ट हैं और बेहतरीन तरीके से। मसलन जिस फिल्म का नाम The से शुरू हो वहां The शब्द बाद में रखा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि फिल्म का नाम The Suitable Boy है तो डिक्शनरी में नाम होगा 'Suitable Boy, The'. इस तरह से फिल्मों को खोजने में आसानी हो जाती है और पल भर में उसके बारे में पढ़ कर देखा जा सकता है कि फिल्म कैसी है, देखने लायक है या नहीं। यूं तो हम कह सकते हैं कि इंटरनेट के इस युग में किसी फिल्म के बारे में जानना कौन सी बड़ी बात है, नेट पर फिल्म का नाम सर्च करो, सामने सब कुछ हाजिर। लेकिन बात उतनी ही नहीं है। हम ऑनलाइन डिक्शनरी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद अपनी टेबल पर या अलमारी में पेपर डिक्शनरी रखते ही हैं। इस Movie Guide की भी कुछ उसी तरह की फिल्म डिक्शनरी के रूप में हैसियत है। बशर्ते विदेशी फिल्मों में रूचि हो।

       इस डिक्शनरी का ही उपयोग करते हुए हाल ही में टीवी पर आ रही फिल्म The Hurricane देखा. फिल्म शुरू हुए कुछ देर हो गई थी लेकिन कॉर्नर में फिल्म का नाम दिख रहा था।  जो सीन चल रहा था वह बहुत दिलचस्प था। एक कैदी को जेल में जांच करने के बाद उसके विजिटर्स से मिलाने ले जाया जा रहा था लेकिन न तो कैदी को कुछ पता था कि मिलने वाला कौन है, न तो विजिटर को। टेबल पर रखी मूवी गाइड में फिल्म का नाम देखा तो तुरंत ही मिल गया। नाम H से शुरू हो रहा था।  संक्षिप्त रूप से बताया गया कि रंगभेद के सिलसिले में गिरफ्तार एक बॉक्सर की कहानी है जिसे ट्रायल कोर्ट ने गोरों की हत्या करने के कारण जेल में डाला है। उस कैदी को छुड़ाने के लिये युवकों द्वारा किये गये प्रयत्नों और उसकी पेचिदगियों को पेश करती फिल्म है। रेटिंग 2 and Half स्टार की थी। समय 125 मिनट। वर्ष - 1999. फिल्म देखना शुरू किया और अंत तक दिलचस्पी बनी रही। कुल मिलाकर The Hurricane अच्छी ही लगी।

        अंत में यही कहूंगा कि विदेशी फिल्मों के शौकीनों के लिये एक रेडी रिकॉनर की तरह है  मूवी गाइड।

- सतीश पंचम

11 comments:

Arvind Mishra said...

बहुत मौलिक और जानकारीपूर्ण विवरण -आभार!

वाणी गीत said...

फिल्मों के दीवानों के लिए अच्छी जानकारी !!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

240 रूपये में तो लूट लिया आपने प्रकाशक को. यहां तो 75 पेज की फुसफुसी कविताओं तक के 100 रूपये मांगते फिरते हैं घसियारे.

प्रवीण पाण्डेय said...

यह तो बहुत आवश्यक है...हमारा तो बहुत समय व्यर्थ हो जाता है यह समझने में...

देवेन्द्र पाण्डेय said...

आपकी इस पोस्ट से एक बात सीखा कि पुस्तक खरीदो..पढ़ो..और जो कुछ भी समझ में आये पुस्तक के संबंध में अपने विचार लिख कर ब्लॉग पर डाल दो। इससे कई फायदे होंगे। पुस्तक अच्छे से पढ़ेंगे क्योंकि लिखना भी है। इत्ती मेहनत से पढ़ी पुस्तक की महत्वपूर्ण बातें स्वयम् को याद रह जायेंगी और जब चाहेंगे पोस्ट देखकर उसकी याद ताजा कर लेंगे। अपन को मालूम रहेगा कि हमने बहुत दिनो से कुछ अच्छा पढ़ा नहीं। किसी से उस पुस्तक के बारे में या लेखक के बारे में बात करनी हो तो झट से मसाला हाजिर रहेगा। पुस्तक के बारे में, उसके लेखक के बारे में अच्छी जानकारी हो जायेगी वरना हम कितना पढ़कर एकदम से भूल जाते हैं।.. और सबसे अच्छी बात कि अपने ज्ञान संसार की बढ़िया नोट बुक तैयार हो जायेगी। हम भी अमल करते हैं आपकी इस सीख का।
..आभार।

सतीश पंचम said...

देवेन्द्र जी,

फेसबुक पर एक ग्रुप है BOOK LOVERS GROUP (BLG).

http://www.facebook.com/?ref=logo#!/groups/132568916859030/

इसमें लोग अपनी पढ़ी किताबों के बारे में चर्चा करते हैं, किसी किताब के बारे में जानकारी लेनी हो तो पूछते हैं। यदि कहीं कोई नई किताबों की दुकान खुली हो, संगोष्ठी आदि होने की बात हो तो वह भी शेयर करते हैं। कुल मिलाकर किताबों से संबंधित एक छोटा मोटा कॉर्नर है फेसबुक पर। और भी कई ग्रुप हैं किताबों से संबंधित जैसे LOVERS OF LITERATURE (LOL) आदि जिनसे जुड़कर अपने ज्ञान में श्रीवृद्धि की जा सकती है। आपको फेसबुक पर तलाश कर BLG में जोड़ना चाहा लेकिन आप वहां हइये नहीं हैं :(

देवेन्द्र पाण्डेय said...

बढ़िया ग्रुप है। फेसबुक में खाता खोलना पड़ेगा।

GYANDUTT PANDEY said...

240 रुपये में सौदा खराब नहीं। पर मेरे जैसे के लिये - जो हिन्दी फिल्म भी नहीं देखता, के लिये शायद काम की न हो।

rashmi ravija said...

चलिए अब आपसे पूछ लिया करेंगे ..जरा इस फिल्म के बारे में पढ़ कर बताइए तो कैसी है?...'स्टार मूवी'...'जी स्टूडियो' वगैरह पर आने वाली है..देखी जाए या नहीं??

ajit gupta said...

बहुत अच्‍छी जानकारी।

आशीष श्रीवास्तव said...

पुस्तक का कवर बड़ा डरावना है! 2012 !

2012 - विश्व का अंत ! के जैसा!

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