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Tuesday, November 8, 2011

चल सन्यासी मन्दिर में.......

- कौन बोला.....कौन बोला.... जरा सामने तो बोले.......बहक गया हूं....सिहक रहा हूँ.....अहक रहा हूं....कौन बोल रहा है सब.......देखूं तो


- नहीं मैं न तो अहका सहका हूँ न कोई मुझमें ऐसी कोई चहक है कि ललनाओं के बीच जाकर रहूँ....

- किसने कहा....मेरे सामने कहे तो.....जरा कहके तो देखे.......बड़े आये मुझे ढोंगी कहने वाले...

- भगवा पहना है तो उससे क्या......क्या यह कहीं लिखा हुआ है कि भगवा पहन कर महिलाओं के बीच नहीं जा सकते.....

- सही कहा है मैंने......वहां माईक उठाकर फेकेंगे.....गाली धक्कड़ देंगे उससे तो अच्छा है बिग बास.....

- वो लोग खराब लोग नहीं है.....आप लोग अपने मन से कह रहे हैं.....

- मेरा सीधा मानना है कि वहां बिग बास में जो लोग हैं वे सारे लोग सन्यासी हैं.....और उनके बीच मुझे जाने में कोई परहेज नही......

- हां, मैं खम ठोंककर कहता हूँ कि वो लोग भी सन्यासी हैं.....इतने दिनों से अपना घर परिवार छोड़कर एक घर में टिके हुए है....मजाक है क्या.....यह सन्यास ही हुआ कि और कुछ......

- यह आपका काम है....आप जाइये और सन्यासी की परिभाषा शास्त्रों में ढूँढिये......

- यह कहीं भी लिखित में नहीं मिलेगा.....वह सब जनश्रुति है....यानि लिखित में न होकर सुनाने वाला ज्ञान विज्ञान....

- शक्ति कपूर गये अपनी गलती से गये.....

- मैं वह गलतीयां नहीं दोहराउंगा.......

- हां, क्या....नहीं छवि की चिंता उनको होती है जिनके मन में कुछ पाप होता है.....मैं भला क्यों डरूं.....

- नहीं कत्तई नहीं......अनैतिकता का मापदंड यदि आपके पास हो तो लाइये....मैं नपवाने के लिये तैयार हूं......

- जी ?

-वो आप जानिये....आप को क्या करना है....आप लोग जब नैतिक और अनैतिक की बात उठाते हो तो क्या साथ में नैतिकता नापने हेतु 'नपनी' लेकर नहीं चल सकते.....

- देखिये नैतिकता दो किलो की भी हो सकती है......दो टन की भी हो सकती है....यह तो व्यक्ति विशेष पर आधारित है....

- .........

- मैं इस पर कुछ कहना नहीं चाहता......

- देखिये अन्ना कहते थे कि मुझपर कोई सौ रूपये का भी भ्रष्टाचार साबित कर दे तो आंदोलन से हट जाउंगा और अब केजरीवाल बोले कि मेरा दस रूपये का भी साबित कर दो तो.....

-इस से पता चलता है कि इमानदारी का अवमूल्यन किस तेजी से हुआ है .....सौ से सीधे दस पर.......यानि इमानदारी का तो जमाना ही नहीं रहा वाला जुमला साक्षात देखिये.....

- तो इतने सारे संत कहां से लायेंगे जोकि लोकपाल चलायें......हम आलरेडी एक्सपिरियेन्स्ड हैं.......हमें पहला हक है तमाम कमिटियों में......

- मैं इस पर कुछ कहना नहीं चाहता......

- यह मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर की वस्तु है.....मैं इस पर कुछ भी कहना ठीक नहीं समझता.....

- जी.....बिग बास....हां पूछिये जो पूछना हो....

- नहीं.....हम तो सन्यासी आदमी ठहरे.....हमें कैसा डर.....

- अब वहां भी देखिये ज्यादे कुछ होता जाता नहीं है.......एकदम अवकाश ही समझिये....तो हम कुछ दिन बिग बास में ही रह लें तो कौन बुरा .....

- हैं.....ई गाना कौन लगाया जी......बंद कराओ.....चल सन्यासी मन्दिर में......तोरा चिमटा मेरी चूड़ियां दोनों साथ खनकायेंगे......गलत बात...

- और क्या....बिग बास का देबी लोग चूड़ी पहनती ही नहीं तो .........

- चिमटा हम नहीं रखते......एक बार रखा था.....लोग हमसे छीनकर हमीं पर पिल पडे.....तब से....

- आंय....बुलावा आ गया.....ठीक है ...राम राम....जंगली कार्ड आ गया है अब जाता हूं वाईल्ड कार्ड से एंटरी करने......

- अरे भई कहा न, वहां सब लोग सन्यासी ही हैं....अपना घर दुआर इतने दिन से छोड़े हुए हैं तो........

- सतीश पंचम

28 comments:

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

अरे वे जा थोड़े ही रहे थे, आपने इत्ती पब्लिसिटी कर दी तो जन भावनाओं का ख्याल रखते हुए ...

Vivek Rastogi said...

वाह गुरू आज पता चला कि बिग बोस वाले भी सारे सन्यासी ही हैं ।

Arvind Mishra said...

शीर्षक ही संवाद कर गया था -अब बिगबास का बंटाधार हुआ समझिये !

आशीष श्रीवास्तव said...

चिमटा हम नहीं रखते......एक बार रखा था.....लोग हमसे छीनकर हमीं पर पिल पडे.....तब से....

:-)

मनोज कुमार said...

अब तो ...
‘उसका’ चिमटा और ‘इनकी’ चुड़ियां बिग बॉस साथ-साथ खनकाएंगे।

मनोज कुमार said...

अब तो ...
‘उसका’ चिमटा और ‘इनकी’ चुड़ियां बिग बॉस साथ-साथ खनकाएंगे।

वाणी गीत said...

बिग बॉस के माया जाल में फंस गये सन्यासी भी !

shilpa mehta said...

:)

shilpa mehta said...

वैसे एक सवाल उठता है मन में - क्या बिग बॉस के घर में मंदिर का प्रावधान होगा ? मैं जहाँ रहती हूँ- यहाँ हर घर में (हिन्दू घर में) - भले ही वह दो कमरे का घर ही हो, मंदिर का एक कमरा अलग होता है | भले ही छोटा हो - किन्तु अलग कमरा | -

प्रवीण पाण्डेय said...

घंट घंट के स्वाँग...

ajit gupta said...

इतने घटिया सीरियल में ऐसे घटिया लोगों को ही प्रवेश दिया जाता है। अच्‍छा व्‍यंग्‍य किया है, बधाई।

सतीश पंचम said...

सन्यासी जी कह रहे हैं कि मैं बिग बास में पैसों के लिये नहीं जा रहा.....
...........

तब क्या वहां पर कौनो 'कोंपर' पका है...... कोई आम पका है क्या जो चढ़कर तोड़ने जा रहे हो........बुढ़ौती में हड़्डी ठुड्डी टूट टाट जाई तो शौचालय मुत्रालय जाने में भी मुशकिल हो जाएगी......उठना बैठना मुहाल......जाओ सन्यासी.. तुम भी लूट लो....... तुम्हारा 'बीत-बीता जाना' भी मुसकिलै दिख रहा है :-)

दीपक बाबा said...

मनोज कुमार said...
अब तो ...
‘उसका’ चिमटा और ‘इनकी’ चुड़ियां बिग बॉस साथ-साथ खनकाएंगे।


:)जय हो.

Deepak Saini said...

बिग बॉस हमें तो बिग बकवास लगता है

नीरज गोस्वामी said...

Satish Bhai hamesha ki tarah "YOU ARE SIMPLY SUPERB"

डॉ. मनोज मिश्र said...

@@वहां सब लोग सन्यासी ही हैं....अपना घर दुआर इतने दिन से छोड़े हुए हैं तो........
सही है-----खुदा खैर करे.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 10- 11 - 2011 को यहाँ भी है

...नयी पुरानी हलचल में आज ...शीर्षक विहीन पोस्ट्स ..हलचल हुई क्या ???/

Rajesh Kumari said...

maine to big boss dekhna hi band kiya hua hai aapki rachna se dekhne ki utsukta badhi hai.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

चिमटा चूड़ी खनके संग
दुनिया देखे रह कर दंग
संस्कृति अब हुई अपंग....

abhi said...

मस्त ;)

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

वाह! :)

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

क्या कहने
बहुत सुंदर

सुमन'मीत' said...

waah ..bahut khoob...

संतोष त्रिवेदी said...

:-)

Gyandutt Pandey said...

बड़ा स्तरीय हरामी है ये बिगबॉसिया सन्यासी।

Kailash C Sharma said...

वाह! बहुत सटीक और रोचक व्यंग...

शेफाली पाण्डे said...

:]vaah mazedar

indianrj said...

आपका लिखा हमेशा ही सटीक होता है. आप कटु सत्य को भी बड़े व्यंग्यात्मक/ मज़ेदार तरीके से कहने की क्षमता रखते हैं. मुझे आपकी पोस्ट पढना हमेशा ही एक बेहतेरीन अनुभव लगता है. शुक्रिया आपका.

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'

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