सफेद घर में आपका स्वागत है।

Monday, November 7, 2011

आमी रोल रोल ......

 - बहुत आच्छा दीदी बहुत सेयि बोला.....पेटरोल दाम बहुत जेयादा .........ना गारीब आदमी जिये ना मरे ..... मुझे भी भर भर के गुस्सा आया दीदी .... भर भर के।

- ये सरकार एकदम फालतू , आमि सपोर्ट नेयि करता तो अच्छा था दीदी ....

- ऐ तुमको बोला ना चुप अन चाप हो जाओ...... अभी आमार दीदी भाशन चालू .... तुमी चुप .....

- ए भौमिक.....की रे.....दीदी बोलन आसुन सुन तो की बोलछी.....

- की रे बोक्का....बीड़ी खेंच.....अउर खेंच......छाती मे सिल होशुन तो  मालूम होशुन .......

- की विपिन दा.....दीदी भाशन भीषन सत्ये.......पेटरोल में रोलबेक ......

- एय फीलू दा.....तुमको दीदी का भाशन नई सुनना ......तुम कभी नेई सुधरेगा.....जाओ कौमिनिश्ट भिन्ग का पास ....जाओ .....जाओ

- धिमान दादा.....दीदी भाशन..........

- अरे मारता क्यूं है दा.....अरे मत मारो.....

- क्यूँ मारा धिमान दा....तुम हमको क्यूं मारा.....हम कुछ लिया ना दिया.....फिर.....

- दीदी का नाम लेने से आप को गुस्सा आता है......फेर आप गलत आदमी हय..... तुमी कितना मारो लेकिन आमी गलत आदमी का साथ नेयि देगा...

- एय लगता है दादा..... अरे तो दीदी आमार ......ये गलत है धिमान दा.....मारो मत.......हम दीदी को इनफोम .....

- अरे दादा तुम कौमनिस्ट भिन्ग में रहो हमको क्या है....लेकिन हम गलत का साथ नेयि देगा......

- जोर से लगता है दादा.....उधर फोड़ी है दादा......पक्का फोड़ी....भीशन दर्द.....दादा....दादा..

........

.......

- दादा आराम हो गया दादा......पूरा कचड़ा एक झटका में फोड़ी से बाहर आ गेया............येइ हमको नेयि करने होता था ......दस दिन से फोड़ी दुखता आशुन .....अमी हिम्मत नेयि होता चीरा लगाने के लिये........

- आमार दीदी का नाम लिया तो दरद चला गया...........पेटरोल रेट भी कम करके रएगी दीदी...देखना तुम.............

- पेटरोल से पेट में रोल-रोल.....रोल रोल पेटरोल.......अइक स्साला .....आमी तो सेरी करता है......गालिब अबी तुमारा क्या होगा .........

- तनमूल पार्टी वाला गालिब....आमी काल इश्तीफा दीदी को दे के सेरी करेगा.....गालिब जैसा काफिया पढ़ेगा.....अंतरा पर  दीदी साईन करेगा.....फिर इस्तीफा वापिस  ...ऐज यूजल आमी  पुराना रोल....

- रोल रोल पेटरोल.....रोल  :-)

- Satish Pancham

18 comments:

संतोष त्रिवेदी said...

अमको शब मालूम है दीदी,ई फ़ोकट मा नाटक ज़रूरी है,पन बेसी नई !

प्रवीण पाण्डेय said...

अब घूमना कम करके हम भी पेट्रोल बचायेंगे

Kajal Kumar said...

कुछ लोग होते ही कंप्लसिव हैं ... उनकी बात ही क्या की जाए

नीरज गोस्वामी said...

गालिब अबी तुमारा क्या होगा .........

ग़ालिब का क्या होगा ये खुदा जाने हमारा तो हँसते हँसते बुरा हाल हो गया है...भाई तुम्हारे लेखन का कोई सानी नहीं...बेजोड़

नीरज

संजय @ मो सम कौन ? said...

पेट्रो उत्पाद की पिछली वृद्धि डैफ़र होने के पीछे विधानसभा चुनावों का होना बताया जा रहा था, मतलब जो होना था वो हुआ लेकिन टाईमिंग का ध्यान रखा गया था। विधानसभाओं\लोकसभा के कार्यकाल की टाईमिंग का भी महंगाई घटाने\बढ़ाने में कु\सु\योगदान रहता है।
एक बहुत पुरानी और कम चर्चित फ़िल्म है ’आज का एम.एल.ए. राम अवतार’ कभी देखियेगा।

ajit gupta said...

क्‍या बंगला की टांग तोडी है आपने! पेट्रोल की जगह पेकेज मांग लिया है, करोडों का।

Arvind Mishra said...

तुमी तो बांग्ला जानी .. :)

Deepak Saini said...

अपनी साईकिल की रिपेयरिंग करा ली है हमने तो
सरकार ऐसे ही दाम बढ़ाती जायेगी

डॉ. मनोज मिश्र said...

रोल बैक?

वाणी गीत said...

हम तो खुश थे कि दीदी जागी तो ...
मगर कारण और परिणाम पर आपकी तीखी/तिरछी नजर है !

Poorviya said...

bhalo bhalo......

jai baba banaras........

jr... said...

Amaahe ekdum bhalo lagena...aami to local train teke jatchi...bartamanamake kichu problem hovena...

मनोज कुमार said...

सरकार डीजल का दाम क्यों नहीं बढ़ाती?

जिनके पास पैसा है, वे आजकल डीजल की गाड़ियां खरीद कर वाहन सुख भोग रहे हैं। क्योंकि हायर रेंज वाली गाड़ियों के डीजल मॉडेल बाज़ार में उपलब्ध हो गए हैं।

जबकि हम जैसे आठ सौ और ऑल्टो पर चलने वालों को साल भर में आठवीं बार बढ़ी क़ीमत अदा कर वाहन पर चलना पड़ रहा है।

दीपक बाबा said...

हाय पेट्रोल ........

हाय पेट्रोल ........

हाय पेट्रोल ........

हाय पेट्रोल ........

NISHA MAHARANA said...

very nice.

Vivek Rastogi said...

हम भी शोरकार में होता तो, पेट रोल का दाम तो कम करबाता ही शाथ ही पैकेज भी माँग कर अपनी माँगें पूरी करवा शोकता था ।

रूप said...

'darun lekha hoyechhe !' bas lage raho Sanjay Bhai, kuchh to badlega !

Gyandutt Pandey said...

ये नौटंकिन भी बिगबॉस लायक है।
भगवान बंगाल का भला करें!

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'
A Photo from - Thoughts of a Lens

ढूँढ ढाँढ (Search)

© इस ब्लॉग की सभी पोस्टें, कुछ छायाचित्र सतीश पंचम की सम्पत्ति है और बिना पूर्व स्वीकृति के उसका पुन: प्रयोग या कॉपी करना वर्जित है। फिर भी; उपयुक्त ब्लॉग/ब्लॉग पोस्ट को हापइर लिंक/लिंक देते हुये छोटे संदर्भ किये जा सकते हैं।




© All posts, some of the pictures, appearing on this blog is property of Satish Pancham and must not be reproduced or copied without his prior approval. Small references may however be made giving appropriate hyperlinks/links to the blog/blog post.