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Tuesday, August 23, 2011

मन्नाद......

        आज फिर मुम्बई में जगह जगह नेताओं के घोड़े जैसे मुँह वाले पोस्टर देखा जिसमें वह अपील करते दिखे कि अन्ना हम आपके साथ हैं। कम्बख्तों को शर्म भी नहीं आई यह कहते कि कहां अन्ना और कहां ये टुच्चे नेता। अन्ना जैसे व्यक्तित्व को छूने भर की कूवत न रखने वाले ये नेता खुद को अन्ना से करीबी जताना चाहते हैं। मन तो कर रहा है कि लोकपाल पास हो तो पहले इन्हीं टुच्चे नेताओं को अंदर किया जाय जोकि आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए फ्लैक्स बैनरों पर अपने दांत दिखाते नजर आते हैं। कुछ समय पहले ऐसे पोस्टरों बैनरों को देखकर मन्नाद लिखा था। मन्नाद.....यानि मन का नाद..... एक तरह से मन की आवाज जोकि सामने दिखते मंजर से खुद ब खुद प्रकट हो जाय। कुछ कुछ कोलाज की तरह.......

पेश है वही  री-पोस्ट....


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        सड़क पर चला जा रहा हूँ.............सारिका साड़ी सेन्टर............महमूद गैरेज.......इंडियाना जोन्स रेस्टोरेण्ट.......सामान बेचते दुकानदार...... कोई सब्जीवाला ......... कोई फ़ल वाला........कोई पान वाला......एक मोची दिख रहा है.......कीलें ज़मीन पर गिराकर सही कील ढूँढ़ रहा है........एक गुटके का रैपर गिरा है........गोवा गुटका.......टन्न्........ मंदिर में किसी ने घंटी बजाई है........गन्ने के जूस वाले ने अपनी जूस मशीन में घुंघरू बांधे हैं.......... वही बज रहे हैं शायद..........कोई ग्राहक जूस पीने आया होगा.........बर्फ मत डालना.............ये अख़बारों की सजी धजी कतारें...........हेडलाईन में थरूर.........कोई अहम खबर है शायद............ग्लैंमर वाली खबरे पढ़ रहा है अखबार वाला........जानता नहीं........... एक शैंपेन पर ख़बरें मुलम्मेदार हो जाती हैं......पढ़ रहा होगा शिल्पा को फलां ने किस किया..........राखी को गुस्सा आया........शाहरूख बोले..........अमिताभ ने.........



     वो कौन खड़ा है.........दीवार पर तो लिखा है देखो गधा......पिशाबी गन्ध.....फ्लैक्स बैनर......नेताओं के बड़े बड़े चेहरे लगे हैं......... देख कर डर लगता है..........इन्हें ऐसी जगह पर लगे होने में शर्म....... नहीं..............बदबू खैर क्या आती होगी.............सुलभ के ठीक उपर ही तो लगा है.... हंसता हुआ नेता का चेहरा..................................पार्टी चिन्ह भी है..........धार मारने वाले का फोर्स उतने उपर क्यों नहीं जाता.................टन्न्.......भगवान.........मंदिर में आरती शुरू हो गई है.........ओम जय जगदीश......ह.............नगर पालिका की गाड़ी आ गई....... चोर गाड़ी आ गई.......अवैध दुकानदारी.........भाग..................समेट ............ठेलेवाले ने भागते समय टमाटर गिरा दिया .......गाय टमाटर की ओर बढ़ रही है...........पान वाला सबसे आगे भाग रहा है......बचा ले गया...........सब्जीयां चढ़ाई जा रही हैं गाड़ी पर........अंगूरी लड़ीयां बिखर गई हैं.......गज़रा बेचती औरत जल्दी कर रही है............कर्मचारी...... फुर्तीदार हैं.......... ........आईस्क्रीम वाले का खोमचा पकड़ा गया.........डिलाईट कुल्फ़ी.......गाड़ी में ठेले के चार पहिये उपर की ओर ............केले जमीन पर गिर पड़े ......... बच्चे उठा रहे हैं............सेब वाला हाथ जोड़ रहा है............लोहे की अंगुठी.......एक शनि के लिए..........एक गुरू के लिए...........मंगल फेर................सारिका साड़ी सेन्टर........दुकानदार चाय पी रहा है........अरे खीरे की टोकरी लेकर दुकान में कहाँ आ रहा है .......टोकरी ज्यादा अंदर मत रख..........उधर रखेगा तो भी चलेगा...........नहीं पकड़ेगा.........बोलो बहनजी..........कुँवर अजय वाली साड़ी कल ही आई है......दिखाऊँ...खटाउ........ पहनने में नरम रहती है.............चिंगुरेगी नहीं...........


चिंगुरेगी नहीं........नहीं नहीं.........



ऊँ..........शांति शांति............शांति.......


- सतीश पंचम

(  अण्णा के अभियान की सफलता की कामना करते हुए  उम्मीद करता हूँ  सरकार कुछ ढिल्ल टिल्ल होगी,  मिटींग खत्म कर कुछ सकारात्मक बातें बतायेगी  ) 

5 comments:

Arvind Mishra said...

इसी बात का तो हमें भी बेकरारी से इंतज़ार है !

डॉ. मनोज मिश्र said...

@@ आज फिर मुम्बई में जगह जगह नेताओं के घोड़े जैसे मुँह वाले पोस्टर देखा जिसमें वह अपील करते दिखे कि अन्ना हम आपके साथ हैं। कम्बख्तों को शर्म भी नहीं आई यह कहते कि कहां अन्ना और कहां ये टुच्चे नेता। ..
हर जगह अब ऐसे लोग ही दिख रहे हैं,आभार.

ajit gupta said...

इनमें से एक है संजय निरूपम। अन्‍ना के आंदोलन में जाते हैं तो अन्‍ना टोपी पहन लेते हैं और बाकि सांसदों के अधिकारों की दुहाई देते रहते हैं।

rashmi ravija said...

ऐसे ही नेता, लोगों को... इस जन-आन्दोलन पर उंगलियाँ उठाने का मौका दे रहे हैं....

प्रवीण पाण्डेय said...

अन्त भला तो सब भला।

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'

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A Photo from - Thoughts of a Lens

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