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Wednesday, August 17, 2011

सर.....सर.....हां सर.....बिल्कुल सर


वैधानिक चेतावनी संख्या 1 -  इस वार्तालाप के सभी पात्र काल्पनिक हैं

वैधानिक चेतावनी संख्या 2 -  उपर्युक्त पंक्ति ही काल्पनिक है  :)

---------------------------

- सर वो जेल से बाहर जाने के लिये तैयार ही नहीं है सर

- सर बहुत कोशिश की लेकिन फिर भी तैयार नहीं हो रहा

- खाना भी नहीं खा रहा सर

- सर बूढ़ा आदमी है, ज्यादा देर तक भूखा रखना अच्छा नहीं है

- जी

- जी

- नहीं सर वो गांव जाने को भी तैयार नहीं है

- वो सब हम लोग पहले ही कर चुके हैं सर, उसको खाली तीन दिन के अनशन करने की बात भी की लेकिन वो बोलता है कि - हमको रामदेव मत समझो

- जी

- जी

- सर बहुत कैदी देखे लेकिन इस जैसा कैदी अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखा

- सर वो किसी की बात सुनने को तैयार नहीं

- जी

- सर जो कुछ करना है जल्दी किजिये, इधर जेल में कैदी लोग भूख हड़ताल करने जा रहे हैं

- नहीं सर, वो तो राउरकेला जेल

- हां, सर वहां के कैदियों ने भी भूख हड़ताल करने का मन बनाया है

- सर इधर का कैदी भी बदल के देखा लेकिन कोई भी खाना बनाने के लिये तैयार नहीं है सब कैदी लोग खिलाफ है खाना बनाने और खाने के

- सर कैदी लोग बोलता है जब तक वो भूखे हैं तब तक न जेल में खाना बनने देंगे और ना ही किसी को खाने देंगे

- सर ऐसी बात नहीं है सर, सब के सब कैदी लोग भूखा नहीं रहना चाहता।

- सर दो चार कैदी लोग तो खुद ही खाना बनाने और खाने के लिये  तैयार थे।

- सर दो तो वो टू जी वाले केस के कैदी थे, एक वो कॉमनवेल्थ वाला दाढ़ी वाला कोई था, एकाध साउथ का लेडीज कैदी भी तैयार था जेल में खाना बनाने के लिये

- सर वो लोग मिल के खाना बना ही रहे थे लेकिन एक दूसरे कैदी ने उनके गूंथे आंटे में कनस्तर भर पानी मिला दिया

- हां सर, सर सब आटा खराब हो गया

- सर आप की बात मानता हूं, अगर ये लोग खुद से खाना बना के जेल में खा लेते तो आप जेल में भूख हड़ताल की बात का मीडिया में खंडन कर सकते थे सर लेकिन अभी क्या करूं, सब कैदी लोग खिलाफ हो गये हैं

- सर कैदी लोग थाली, कनस्तर, चम्मच, मग वगैरह बजा रहे हैं, उसी का आवाज आ रहा है

- सर शांत कराने का कोसिस किया लेकिन कोई तैयार ही नहीं है....सब जोर जोर से थाली, मग बजा रहे हैं

- हां सर

- सर जेल में सबको प्लास्टिक का बर्तन देते तो अच्छा था, अभी वो लोग अलमूनियम का बर्तन बजा बजा कर कान खा रहे हैं कि भ्रष्टाचार हटाओ

- हां सर अलमूनियम का बर्तन बहुत आवाज करता है सर

- सर टेंडर निकालिये ना सर

- अपना ही समझिये......

- सर,  मेरे साले का ही है प्लास्टिक फैक्टरी -  भारत प्लास्टिको इंडिया मार्ट, चौचकपुरा
- हां सर......सस्ते में दिला दूंगा सर

- जरूर सर

- हां सर....उसके बारे में आप बेफिक्र रहें.....

- बिल्कुल सर..........बीस टक्का तो पक्का है सर

- जरूर सर.....

- सर मंत्री जी को मेरा गुडमार्निग जरूर बोलियेगा .....

- जी सर

- जी

- नहीं सर,  सिचुएशन अंडर कंटरोल है सर.....

- जी

- जी

- जयहिंद सर

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- सतीश पंचम      

18 comments:

दीपक बाबा said...

सिचुएशन अंडर कंटरोल है सर.....

मैं तो बगल में रहता हूँ.... तिहाड गाँव में .... पर आपने तो अंदर के हालात लिख दिए बिना देखे...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

काल्पनिक होते हुए भी सटीक हैं ... अच्छी पोस्ट ..

๑♥!!अक्षय-मन!!♥๑, said...

वाह बहुत अच्छे से व्यक्त किया ऐसा भी नजरिया होगा इस बात का अंदेशा न था....
और कहाँ कहाँ दिखेगा ये न जाने ?

anshumala said...

सर जी
मेरी मानिये तो एक और टेंडर आज ही पास करा दीजिये संसद से तिहाड़ जेल तक एक सार्टकट सड़क या मैट्रो या फ्लाई ओवर का कल को सर जी कही ये लोकपाल बना गया तो ना जाने कितने सांसद हमारे मेहमान बनने आये और उन अति विशष्ट मेहमानों को कोई परेशानी ना हो तो इसके लिए जरुरी है सर जी !!!!!

shilpa mehta said...

wah sir - kya baat hai sir - bees taka - pandrah nahi chalega sir??

shilpa mehta said...

वाह सर , .......
जी सर.....
क्या बात कही है सर ...

बीस टका? पंद्रह नहीं चलेगा सर??

Rahul Singh said...

कहा जाता है- तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
.

अरुण चन्द्र रॉय said...

टेंडर पास हो गया सर...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 18 - 08 - 2011 को यहाँ भी है

...नयी पुरानी हलचल में आज ... मैं अस्तित्त्व तम का मिटाने चला था

प्रवीण पाण्डेय said...

*यह कथानक आल्पनिक है।

NiTiN Yadav said...

भ्रष्टाचारियो को जेल में डालना मुश्किल लेकिन अन्ना को बाहर निकलना और भी मुश्किल ;-)

डॉ. मनोज मिश्र said...

@जयहिंद सर..
वाह,यह गजब का रहा,बढ़िया पोस्ट,आभार.

अनुपमा त्रिपाठी... said...

देश की हालत पर ....सर झुक रहा है ....शर्म के मारे.....!!

ajit gupta said...

बहुत श्रेष्‍ठ व्‍यंग्‍य।

Dorothy said...

सटीक अभिव्यक्ति. आभार.
सादर,
डोरोथी.

Dilbag Virk said...

आपकी पोस्ट आज चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई ,
कृपया पधारें
चर्चा मंच

Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय) said...

:-)

Ojaswi Kaushal said...

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