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Thursday, April 21, 2011

इति मुम्बईया 'वारता-लाप'......इन शॉर्ट :)

  -  वीस रूपया....वीस रूपया.....ए बोल्ले -बोल्ले.....वीस रूपया....ए चल्ले....रास्ते का माल सस्ते में....लाटै......लाटै...लाटै

- कितने का ?

- वीस रूपया जास्ती नई.

- वो अमर बिम्मर वाला है क्या ?

- वो नई आया अबी तक.

- क्या....कबी लाएन्गा ?

- अबी कोरट-बीरट का कुछ चक्कर है भाय....इतना लवकर नईं आने का.

- अरे तुम लोग कबी से कोरट -बीरट से डरने लगा.....ईधर पिच्चर रिलीझ....उधर तुम लोग का ठेले पर सीडी रिलीझ ......ये अम्मर बिम्मर का कायेको नईं

- अरे नईं बोला तो नईं....साला अंदर कुछ है नईं है.....पब्लिक को खाली नाम सुन के सीडी मांगता.....अम्मर का दो..... बिम्मर का दो.... अक्खे धंधे की वाट लगेली है. 

- अरे तो उसमें प्राबलेम क्या है.....तुम लोग इतना डरता है क्या पालि-टिशियन से ?

- अरे डरता बिरता नईं रे....इसकी मां की.....चार आने की मुरगी...बाराने का मसाला .....सीडी वाला बिग बास लोग बोलता -  पालटि-शियन का सीडी नईं बनाने का....साला लोग खुद तो मजा मारेगा लेकिन लफड़े में अपुन लोग फसेगा....नक्को रे बाबा.

- अरे तो तुम लोग डिस्क्लेमर लगाने का....ये सीडी काल्पनिक है....इसका किसी भी जियेला या मरेला से कोई 'सम्बन्ध-बिम्बन्ध' नहीं है.

- अरे तुम को नई मालूम.....इधर साला हम एक लाईन लिखता है कि - ये सीडी काल्पनिक है....उधर वो पब्लिक लिख के जाता है....ये तुम्हारा लिखेला लाईन ही काल्पनिक है....लेकिन सीडी असली है .....बोलो.

- आईला तुम लोग का तो बोत वांदा है.

- फिर....अईसेच नई धूप में सड़ रेला हूं साब......अक्खा धंधा बोले तो ये अम्मर बिम्मर का चक्कर में.....जाओ साब सीडी लेने का तो लेओ नईं तो आगे बढ़ो. 

- अच्छा वो भूषण बीषण का है क्या ?


- ऐ तुमको क्या राडा-रूडा वाला पब्लिक का ही सीडी पसंद है क्या....इधर देखो....इतना मस्त मस्त दीपिका बिपिका का सीडी है......बिपाशा...प्रियंका.....मुन्नी-शीला....ये सब तुम को कुछ पसंद नईं क्या.....कायेके बुड्ढा लोग का सीडी के पिच्छू पड़ेला है ?

- अरे तू नई जानेगा....ये बुड्ढा लोग का पिच्छू खाली अपून नईं...अक्खा मीडिया लगेला है .....

- अरे छोड़ो साब ....एक वो लोग को कुछ काम नईं एक तुमकू कोई काम नईं.....हम साला अईसाच धूप में गधे के माफिक सिक रेला है. 

- अबी तुम दीपिका-बिपाशा.... मुन्नी शीला के साथ रहेगा तो ऐसे ही सिकेगा  ना........बोले तो पैसे का ठंडक मांगता है तो अम्मर-बिम्मर का सीडी बेचो.

- अरे नईं....इतना रिक्स नईं लेने का बाप.....मरने दो वो लोग को..........वो जाने वो लोग का चन्टू-बन्टू लोग जाने .....अपन को तो बस दो रोटी मिलना मांगता .... अपुन इतने में खुश्श....चल ए.... लाटै....लाटै....लाटै...लाटै.....अरे.....वो कौन सीडी का  दुकान बाजू में लगा रेला है...... 

आईला....अम्मर   :-)  

  -  सतीश पंचम

स्थान - वहीं, जहां अक्सर राह चलते ऐसी बतकहियां सुनाई देती हैं।

समय - वही, जब फारेंसिक लैब का टेक्निशियन अपनी पत्नी से कहे - आज इंतजार मत करना..... अभी दो चार सीडी और आने वाली है असली- नकली सीडी चेकिंग के लिये।
  
 और तभी पत्नी कहे  - पति की बातों की चेकिंग वाली फारेंसिक लैब कहां है - बता सकते हो :-)

( चित्र - गूगल बाबा से साभार ) 

19 comments:

Abhishek Ojha said...

क्या रापचिक पोस्ट लिखेला ई भाई. एक दम मस्त.

चार आने की मुर्गी बारह आने का मसाला. :)

ललित शर्मा said...

मस्त मस्त

संजय @ मो सम कौन ? said...

अम्मर बिम्मर वाला मिल गया तो एन्डी महामहिम का मांगेगा गाहक, वो भी मस्त होयेंगा इस पोस्ट के माफ़िक:)

Arvind Mishra said...

क्या खूब बम्बईया झाड़ा है सी डी पर :)

Rahul Singh said...

जिन्‍दगी की रफ्तार भरी.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

लूट लिया रे...।

देवेन्द्र पाण्डेय said...

वो क्या बोलता है मुंबई में...राप्चिक! एकदम राप्चिक पोस्ट है !! टिकोरा में नमक लगा के खाने का...!

Udan Tashtari said...

bahut mast!!!

प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो, सारी दुनिया कैद है सीडी में।

राज भाटिय़ा said...

चार आने की मुर्गी बारह आने का मसाला. :)
मस्त जी

ajit gupta said...

सच है रिस्‍क नहीं लेना का। नये अंदाज में बिक्री की है।

सञ्जय झा said...

oo thik hi bola bhai.....ammar-bimmar
ke cd pe nahi jane ka......

mast rapchik post.

jai ho.

Vivek Rastogi said...

बोले तो झकास भिड़ू...

Poorviya said...

ek dam mast mast......

jai baba banaras....

शोभना चौरे said...

झकास पोस्ट |

rashmi ravija said...

क्या बीड़ू ...उदर मार्केट में अक्खा पब्लीक ऐसेइच बोलता...इदर बिलाग में हम येई सब पढ़ने को आयेला है क्या......
वैसे झक्कास लिखेला है.

रूप said...

फंटास्टिक लिखेला है बीडू, कभी अपुन का ब्लॉग भी देखो , दिमाग का दही कर देगा ..........क्या ......!

gyanduttpandey said...

यहां शिवकुटी में चायकी दूकान पर चाय और ब्रेड पकौड़े के साथ लोग बाग पाल्टीशीयन की एमसी-बीसी करते हैं। आजकल ज्यादा ही कर रहे हैं। उसकी सीडी क्या भाव चलेगी?

नीरज गोस्वामी said...

सतीश भाई अपने सर की टोपी हटा के झुकता हूँ उसे आपके सामने...क्या झकास लिखते हो बाप...बोले तो बिंदास...भला हो शिव का जिसने आपके ब्लॉग का पता दिया और अपुन की लाइफ बना दिया...

नीरज

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