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Saturday, March 19, 2011

गिरिजेश राव - सतीश पंचम..... चैट लीक :)

   कल शाम जब गिरिजेश महराज का स्टेटस मैसेज देखा था तो लगा कि थोड़ा मनसायन हो जाय ....और फिर शुरू हुई हम लोगों की लंठात्मक बतकही :)


girijeshrao:  Status message : रोज लोग तुम्हारी याद दिलाने लगे हैं, क्या करूँ? ... कभी कहा था तुमने कि मेरा नाम भी अब न लेना। मैंने तो सब कुछ जाहिर कर दिया... इसीलिये तुम्हें खो बैठा? ... नहीं, ग़लत हूँ, तुम्हें कभी खो नहीं सकता...

satish: ये साहिर लुधियानवी की आत्मा किधर गिरिजेश नखलवी के भीतर घुस गई म्याँ
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
जिंदगी नर्म छांव हो....न न धूप हो
और कोई पीछे पड़ गई हो
मय सैंडल सहित
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है :)

girijeshrao: अमाँ लोग उर्मि पर लिखने की फरमाइशें करने लगे हैं... क्या करूँ?

satish: लिख डालो....सोचो मत पार्थ लगे हाथ एक अध्याय पूरा करो

girijeshrao: वाह! जिय रजा लखन्दर

satish: या तो उर्मि या तो बाऊ
एकदम रपट लो
लेकिन कोई एक पूरा करो

girijeshrao: सही है।

अमाँ, वह पैरोडी पूरी कर पोस्ट कर दो।

satish: हाँ यार, सोच तो मैं भी रहा हूँ शाम तक करूंगा।
 लेकिन शाम तक घर जाते ही फिर वही सब्जी लाना है...भिण्डी लाना है

girijeshrao: अभी पूरा कर दो नहीं तो शाम तक तीन पांच में अधूरा रह जाएगा।
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है...

satish: आगे...

girijeshrao: मैं भिण्डी काटता, तुम पालक काटती
सस्ती भिंडी महंगे पालक देख
मैं तुमको डांटता तुम मुझको डांटती
इस आपस की डांटा डांटी में
मेरे दिल में अक्सर खयाल आता है
विवाहित लंठ न जाने कितने दर्द के घूंट
पीता जाता है..... पीता जाता है
साला कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है

satish: :)

मजेदार बन सकता है
होली के फ्लेवर में चल जायगा
थोडा सा रूमानी टच देते हुए
जैसे,

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
मैं चाय पीता, तुम कपड़े धोती
फिर मैं कपड़े धोता , तुम चाय पीती
फिर हम दोनों कपड़े धोते
और बच्चे कहते...
पापा चाय जल गई है
चूल्हे पर पड़े पड़े
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है


girijeshrao: चाय अम्मा बना रही है, पापा को क्यों पुकारेंगे ?
रह गये बकलोल ही

satish: हांय

चलो ठीक कर देता हूं
लोग कहेंगे महराज लोग भांग खाकर कवित्त पेल रहे हैं  :)

girijeshrao: हाँ,

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
तुम चैटिया रही होती अपने ब्वायफ्रेंड से
मैं अपनी गर्ल फ्रेंड से
और बच्चे कहते पापा!
ये आंटी और अंकल कहाँ से आ टपके?
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है।

satish: तुम झगड रही होती दरवाजे पर दूधवाले से
कि दूध में पानी क्यों ज्यादा मिलाते हो ?

girijeshrao: हांय....

ज्यादा पानी मिलाते हो माने ?

मतलब पानी होना चाहिए
ससुरा  गजब खयाल आता है :)

satish: आगे सुनो यार

मैं अंदर पोस्ट लिख रहा होता
कि भैसें आजकल पानी ज्यादा पीती है
भैंस का रंग काला होता है
उसके पूंछ होती है
दो सींगे भी होती हैं

girijeshrao: फिर भी वह दूध देती है
पड़वे तो किसी काम के नहीं होते

हालाँकि उनके भी पूंछ होती है

satish: हांय

तो क्या वो पड़वा था ?
साला फिर भी दूध दे रहा था :)

हां .... कवि और ब्लॉगर चाहें तो क्या नहीं हो सकता

आगे
girijeshrao: कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है

तुम यूँ ही दतचियरपन कर रहे होते चैट पर
और बॉस बगल में आ खड़ा होता
तुम ये कहते तुम वो कहते
और आखिर में लिखते बाद में करता हूँ
अभी पीछे एक घोंचू खड़ा है
फिर उसके केबिन में डाँट खा रहे होते
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है

satish: बड़ा भयंकर खयाल है ससुरा :)

girijeshrao: कभी कभी मेरे मन में खयाल आता है।
दिल में ?
कि दिमाग में ?
कहीं भी आये साला आता तो है :)

satish: :)

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         फिलहाल होलीयात्मक मूड़ में हुए चैट को ही छापा गया है ..........लंठात्मक मूड वाली चैटिंग जनहित में नहीं छापी जा रही है ....क्योंकि छटंकी ब्लॉगरीय हादसों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि ब्लॉगिंग का न्यूक्लीयर रियेक्टर अभी कच्चा है ..... ब्लॉगजगत हम लोगों की उन भयंकर चैटिंग्स को सह नहीं पाएगा  और फिर गर्म हो चुके ब्लॉग रियेक्टर को ठंडा रखने के लिए ढेर सारे कोका कोला भी तो लगेंगे :)

कोका कोला ?

अरे मालूम नहीं क्या ?

 ठंडा मतलब ....... कोका कोला   :) 

18 comments:

मनोज कुमार said...

कभी-कभी (और ये कभी-कभी ही क्यूं ख़्याल आता है?)
ख़ैर आता तो है
कि तुम दोनों चैटिया रहे होते
और यह टिप्पणी बॉक्स पिचकारी होता
रंग यहां भरते,
क्लिक करते,
और तुम भींग जाते
हम भाग जाते
कभी-कभी ख्याल आता है ....

नीरज बसलियाल said...

सतीश जी , आपने इस दफा समय और स्थान नहीं लिखे ...

और, गिरिजेश जी से चैट करने में मजा तो आता है | इससे पहले के उनके स्टेटस मेसेज
'objection overruled , ma'am '
को लेकर उन्होंने हमारे स्टेटस मेसेज
'Prosecutor: Chicolini, you are charged with high treason, and if found guilty, you will be shot.
Chicolini: I object.
Prosecutor: You object? On what grounds?
Chicolini: I couldn't think of anything else to say.
Rufus T. Firefly: Objection sustained.
Prosecutor: Your majesty, you sustain the objection?
Rufus T. Firefly: Sure, I couldn't think of anything else to say either. Why don't you object? '

पर ये आरोप लगाया कि उनके स्टेटस मेसेज से प्रभावित होकर लिखा गया है |

गिरिजेश जी स्माइली लगाना चाहिए , या आप समझ जायेंगे कि हम मजाक कर रहे हैं | :) , ओह लगा ही दिया |

बुरा न मानो जी , होली है

देवेन्द्र पाण्डेय said...

बेड़ा गर्क!
कैसे कैसे डरावने खयाल आते हैं ब्लॉगरों को।
ई नहीं हुआ कि होली में कहीं ताक-झांक करें भांग-वांग छाने!

धरती में बहुते गोल गोल
अरे बकलोल
ताक न रे!
...बुरा न मानो होली है।

Shiv said...

बहुत जोर ख़याल आया है, बहुत मस्त ख़याल आया है.

प्रवीण पाण्डेय said...

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है,
कि जैसे घुसती हैं,
मजबूरियाँ इन आहों में।

गज़बक चर्चा,
बहुतै खर्चा।

खुशदीप सहगल said...

तन रंग लो जी आज मन रंग लो,
तन रंग लो,
खेलो,खेलो उमंग भरे रंग,
प्यार के ले लो...

खुशियों के रंगों से आपकी होली सराबोर रहे...

जय हिंद...

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत मस्त मस्त.

होली पर्व की घणी रामराम.

दीपक बाबा said...

महराज लोग भांग खाकर कवित्त पेल रहे हैं :)

लगता है कुँए में ही भंग पड गयी है. :) सभी ब्लोग्गर लंठात्मक तरीके से बुरा गए है......


भूल जा झूठी दुनियादारी के रंग....
होली की रंगीन मस्ती, दारू, भंग के संग...
ऐसी बरसे की वो 'बाबा' भी रह जाए दंग..

होली की शुभकामनाएं.

VICHAAR SHOONYA said...

जनाब मेरे दिल में तो हमेशा ही ये ख्याल रहता है की हिंदी ब्लॉग्गिंग का रिएक्टर इतना कच्चा न होता तो हम बेफिक्र हो सब कुछ कहते. वैसे तो अब भी जहाँ मौका मिलता है दिल खोल ही देते हैं.इस नयी पोस्ट में मजा आया. साथ ही आपको और आपके परिवार को होली की बहुत बहुत बधाई और शुभ कामनाएं.

Shah Nawaz said...

मस्त.... ज़बरदस्त!!

आपको परिवार सहित होली की बहुत-बहुत मुबारकबाद... हार्दिक शुभकामनाएँ!

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

कभी कभी मेरे दिल में भी खयाल आता है
वरना तो दिल भी दिमाग सा ही खाली रहता है

हैप्पी होली!

anshumala said...

कोको कोला काम न आया रेडियेशन पाठको तक पहुँच गया और टिप्पणियों में नजर आने लगा |

जब ख्याल ही आना था तो कुछ अच्छा अच्छा आना था कमबख्त ख्यालो में भी वही भिन्डी पालक और महंगाई | आप को होली की शुभकामनाये |

Rahul Singh said...

मजेदार होलियाना प्रयोग.

Udan Tashtari said...

सन्नाट लीक....

:)

आपको एवं आपके परिवार को होली की बहुत मुबारकबाद एवं शुभकामनाएँ.

सादर

समीर लाल

कविता रावत said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति
आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

राजकुमार ग्वालानी said...

रंगों की चलाई है हमने पिचकारी
रहे ने कोई झोली खाली
हमने हर झोली रंगने की
आज है कसम खाली

होली की रंग भरी शुभकामनाएँ

सञ्जय झा said...

chalieaks.............uri baba.......
hammai bhi kuch-kuch khayal ane laga hai.......oh...ho...abhi-abhi to
utra hai......phir chadhne laga hai..

bahoot khoob.

Sanjeet Tripathi said...

शानदार लेकिन मैं तो इसी उम्मीद से आया था की होलियाना वाली ही चैटिंग मिलेगी इधर,
अफ़सोस......... ;)

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