सफेद घर में आपका स्वागत है।

Friday, October 1, 2010

ब्लॉगर परिचय.....श्री गोपाल एम एस ........बेहतरीन तस्वीरें.......बेहतरीन नज़रिया..............सतीश पंचम

       दुनिया में ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जिनके नाम की बजाय उनके काम को देख कर लोग उसकी ओर अनायास ही खिंच जाते हैं। मुझे कुछ-कुछ ऐसा ही प्रतीत हुआ श्री गोपाल एम एस के द्वारा खिंचे गए चित्रों को देख कर। उनके ब्लॉग पर जाते ही खिंची गई तस्वीरों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बंदे में कितनी क्रिएटिविटी है और कैसा नज़रिया है।

   कुछ चित्र तो इतने अनोखे अंदाज में लिए गए हैं कि एक बस देखते ही बनते है।

        उदाहरण के तौर पर मुंबई के आरे कालोनी को श्री गोपाल ने अपने कैमरे से इस अंदाज में तस्वीरबद्ध किया है कि देखकर लगता है मानों कोई वर्षा वन को दर्शाती कोई पेंटिंग है.....याकि कोई रूमानियत की चादर ओढ़े कोई सुनहरी सी सुबह। इस तस्वीर के बारे में जब मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि गोरेगांव में स्थित उनके ऑफिस की तेरहवीं मंजिल से यह तस्वीर तब ली गई जब उन्हें सर्दियों की एक सुबह जल्दी ऑफिस आना पड़ गया था।
Goregaon ( Aarey Milk Colony)

        अभी इस आकर्षक चित्र को देख ही रहा था कि बगल में ही हरियाली को ढंकते....कुम्हलाते हुए एक निर्माण कार्य की तस्वीर दिखी जिसे देख कर अंदाजा हो जाता है कि रिहायशी जरूरतें और स्थान की कमी ने पर्यावरण को किस स्तर तक नुकसान पहुंचाना शुरू किया है। पर्यावरण के नज़रिए से दोनों तस्वीरें एक साथ देखने पर हरियाली और विकास की बौड़म तस्वीर स्पष्ट तौर पर दिखती है।



       श्री गोपाल के ब्लॉग को और खंगालने पर एक जगह अंधेरे में खिंची गई लाल बोगेनवेलिया के झुरमुटों की बेहद आकर्षक तस्वीर नज़र आई। इसके बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि वाशी-मानखुर्द इलाके से गुजरते समय रास्ते के किनारे लगे बोगनवेलिया के झुरमुटों की फोटो रात में खिंची थी और जिस टैक्सी में बैठे थे उसके पीछे आ रही कार की रोशनी का इस्तेमाल किया था।

Mr. Gopal M S
     उनके ब्लॉग की चर्चा मैं पहले भी एक बार अपने सफ़ेद घर ब्लॉग में कर चुका हूँ जिसका कि नाम है Mumbai Paused. अपने Panasonic Lumix LX3 के साथ खड़े श्री गोपाल M S के बारे में जब मैंने और जानकारी जुटाना चाहा तो 36 वर्षीय श्री गोपाल ने बताया कि वह बेसिकली बेंगलोर से हैं और अब मुंबई रहते हैं। एक एडवर्टाईजिंग कंपनी में Copywriter का काम करते हुए शौकिया फोटोग्राफी करते हैं।


    चैट के दौरान ही नज़र दौड़ाने पर मुझे एक ऐसी तस्वीर दिखी जिसमें कि बारिश में जमा हुए पानी में उभरे अक्स को कैद किया गया था। बेहद आकर्षक इस तस्वीर को खिंचने की तकनीक रोमांचित कर गई। कहीं पर समुद्र किनारे एक चौखटे में सुस्ताते टैक्सी ड्राईवर की तस्वीर है तो कहीं पर फाइव स्टार होटल के किचन शेफ की एक आधे खुले दरवाजे में खड़ी ब्लैक-वाइट तस्वीर। कहीं मुंबई का शेयर बाजार भगवान शंकर से उंचा है तो कहीं वनदेवी की तस्वीर, कहीं रजनीकांत-अमिताभ-मिथुन की तिकड़ी वाली मंदिरनुमा आकृति है तो कहीं कुछ।

    इन सभी चित्रों के बारे में आप उनके ब्लॉग Mumbai Paused पर जाकर बेहतर जान सकते हैं। फिलहाल मैं उनकी कुछ चुनिंदा तस्वीरें यहां पेश कर रहा हूँ।


    उम्मीद है हिंदी के ब्लॉगर जो कि अक्सर अंग्रेजी भाषा के ब्लॉगों पर जाने से परहेज करते हैं, इस तस्वीरों वाले ब्लॉग पर जाने में परहेजगी नहीं बरतेंगे ...क्योंकि तस्वीरों की भाषा प्रांत,सीमा या भौगोलिक क्षेत्र में बंधी न होकर अपने आप में एक यूनिवर्सल भाषा है।

      मैं श्री गोपाल को उनकी रचनात्मकता हेतु बधाई देता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि आगे भी इसी तरह के सुंदर-सुंदर चित्र हमें दिखाते रहेंगे।


 - सतीश पंचम







आलोक.......

अहा रात्रि......

फिल्मात्मक त्रिदेव


शांत घंटीयां


पानी र पानी तेरा रंग कैसा......

पंख होते तो उड़ आती रे........

कैमरे की धौंस......हुँह

इस्माईल प्लीज

ये दुनिया रंग बिरंगी यारा

कॉमनवेल्थ के बाउजी

कपड़ कतार

वनदेवी

ओह......

कोपचा

'पड़ोसावाली'

शंकर और शेयर

क्षितिज प्रेमी 



***************************************************
The End
***************************************************

source : Mumbai Paused

प्रस्तुति - सतीश पंचम


13 comments:

DEEPAK BABA said...

@.क्योंकि तस्वीरों की भाषा प्रांत,सीमा या भौगोलिक क्षेत्र में बंधी न होकर अपने आप में एक यूनिवर्सल भाषा है।

वस्तुत: एक चित्र कई शब्दों का काम करता ही.

आभार और साधुवाद - गोपाल ऍम एस से मिलवाने के लिए.

ajit gupta said...

आज यह जादू का पिटारा खुल गया क्‍या? चलो हमें अधिकार मिला। तस्‍वीरें बेहद अच्‍छी है। गोपाल जी को बधाई।

महेन्द्र मिश्र said...

foto joradaar hai ....badhai prastuti ke liye...

प्रवीण पाण्डेय said...

बेहतरीन, कहानी कहते चित्र।

नरेश सिह राठौड़ said...

nice photographs thanks

संगीता पुरी said...

जानकर बहुत अच्‍छा लगा .. आभार !!

गिरिजेश राव said...

रत्नकामी हो भाई!
ढूढ़ कर लाए हो एक नगीना। आनन्द आ गया।

VICHAAR SHOONYA said...

बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं जरा बताएं ये किस कमरे से खिची तस्वीरें हैं.

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही सुंदर जी आप का धन्यवाद

मुनीश ( munish ) said...

very fresh view of Mumbai indeed !

शोभना चौरे said...

बहुत खुबसुरत तस्वीरे है मुंबई को एक अलग ही नजरिये से देखना अच्छा लगा |
इन शांत घंटियों में एक घंटी मैंने भी अर्पित की है माँ को बीमारी से स्वस्थ होने के बाद |मै खार एस .वि .rod पर पर रहती थी और रामक्रष्ण मिशन रोज जाती थी तब रस्ते में ही बजरंग बली के दर्शन हो जाते थे|शांत घन्टिया और मन्दिर का शांत वातावरण एक अलोकिक आनन्द देते है |जबकि चोराहे के बीचो बिच बना है ये मन्दिर |
सुन्दर चित्रों से रूबरू करवाने का आभार और गोपालजी को बधाई |

अनूप शुक्ल said...

पहले भी आपने इस ब्लॉग के बारे में बताया था। सुन्दर ब्लॉग है। शुक्रिया इसकी चर्चा करने के लिये।

Giribala said...

I have been following Gopal's Mumbai Paused for a long time, but this is the first time I saw his photograph! Thanks :-)

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'
A Photo from - Thoughts of a Lens

ढूँढ ढाँढ (Search)

© इस ब्लॉग की सभी पोस्टें, कुछ छायाचित्र सतीश पंचम की सम्पत्ति है और बिना पूर्व स्वीकृति के उसका पुन: प्रयोग या कॉपी करना वर्जित है। फिर भी; उपयुक्त ब्लॉग/ब्लॉग पोस्ट को हापइर लिंक/लिंक देते हुये छोटे संदर्भ किये जा सकते हैं।




© All posts, some of the pictures, appearing on this blog is property of Satish Pancham and must not be reproduced or copied without his prior approval. Small references may however be made giving appropriate hyperlinks/links to the blog/blog post.