सफेद घर में आपका स्वागत है।

Thursday, March 5, 2009

मेरी चोरी हुई ब्लॉग पोस्ट हटा ली गयी है.

ब्लागर जनों , मेरा ब्लॉग जो चोरी हो गया था उसे वापस पा गया हूँ। जिन महाशय सन्नी ने मेरी दोनों पोस्टें अपने पॉर्न ब्लॉग पर डालीं थीं, वो दोनों पोस्टें अब वहाँ से हटा लिए हैं। इसके लिए मैं बाबु मोशाय को धन्यवाद देना चाहूँगा। मेरे मेल बॉक्स में जब सन्नी बाबु का कमेन्ट देखा तो धड़कते दिल से क्लिक किया। न जाने क्या लिखा हो। लेकिन बाबु मोशाय ने माफ़ी मांगते हुए बताया की जो कुछ कंटेंट उन्हें मिला वो किसी मेल से आया था जो कोई नेट ग्रुप - व्रूप है । खैर, मैं तो यही शुक्र मना रहा हूँ की मेरी पोस्टें अब वहाँ से हटा ली गयी हैं।
फिलहाल मैं सोच रहा हूँ की कापीराईट संदेश देता एक फड़कता हुआ चेतावना (चेतावनी नहीं) दे दूँ की जो कुछ यहाँ लिखा है वो मेरा है , मेरे बाद मेरी सात पीढियों का है और उसके बाद उनकी सात पीढियों का है :) लेकिन मैं सोचता हूँ की जिस तरह आज कल सुब्स्क्राईबरके जरिए माल उठाया और लगाया जा रहा है ऐसे मे वह चेतावना पट्ट किसी कौवा हडौने के जैसे ही होगा। खेतों मे अक्सर ऐसे कौवा हडाने वाले पुतले आपने जरूर देखे होंगे। उन पुतलों पर जो सर होता है वह अक्सर मिटटी की हांडियों का होता है और जो शर्ट पहनाई जाती है वो कोई रईसजादा क्या पहनेगा। घर मे जिसका भी शर्ट फट फ़ुट गया हो वही बेचारे को पहना दिया जाता है और खेत मे डंडा लगाकर खडा कर दिया जाता है की जा मेरे खेतों की रखवाली कर। वह बेचारा खडा तो होता है लेकिन कौवे भी चालाक हो गए हैं, जानते हैं की इसका दिमाग खाली है ये सिर्फ़ कौवा हडाने के लिए रखा है, चिडियां तो पहली नजर मे भांप लेती हैं की आ गया हमारा नया घर। इसके सर मे हम अपने आशियाना बनायेंगे और गायेंगे - एक अकेला हर पहर मे, रात और दो पहर मे, साबूदाना ढूंढता है.......और तब वो पुतला बोल पड़ता है - महमूद की स्टाईल मे - मुथुकोडी कोवाडी हडा :)

अंत मे - मेरी पिछली पोस्ट जिसमे मैंने अपनी पोस्ट के चोरी हो जाने के बारे मे जिक्र किया था - लिखना सार्थक हो गया। ब्लॉगर सन्नी ने वो पोस्टें हटा जो दी हैं।

- सतीश पंचम

11 comments:

Udan Tashtari said...

चलिये, लिखना सार्थक हुआ..चोरी का मामला रफा दफा-नोटिस भी लगा ही दो कॉपी राईट वाला. :)

बी एस पाबला said...

फिर से बल्ले बल्ले बोलूं, सतीश जी?

पिछ्ली बार कहा था तो क्या हुया था, देखिये http://bspabla.blogspot.com/2009/03/blog-post_04.html

हिमांशु । Himanshu said...

संतोष की बात है कि आपका ब्लोग कंटेट चोर आपको लौटा गया.

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

चलिए उसने माफ़ी मांग ली खुश हो जाये जी

ताऊ रामपुरिया said...

भाई चोरी गया माल कम ही लौटते देखा है. आप भाग्यशाली हैं और ताले तो छोते मोटे रास्ते चलताऊ चोरों के लिये होते हैं, भला डकैतों को तालों से कोई फ़र्क पडेगा? :)

रामराम.

आलोक सिंह said...

जोहार
बधाई हो आपका प्रयास सार्थक हो गया .

cmpershad said...

चलिए- बधाई। पर शायद द्विवेदी सुस्त हों-एक मुकदमा हाथ से निकल गया:)

ज्ञानदत्त । GD Pandey said...

चोरी तो आदत है। एक केस नहीं।
शायद यूं लिखना चाहिये कि कोई न चुराये और चुरा भी ले तो फर्क न पड़े! :)

राज भाटिय़ा said...

चलिय आप को अपना माल मिल गया. बधाई

ताऊ रामपुरिया said...

होली की घणि रामराम.

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!

होली की शुभकामनाओं सहित!!!

प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर

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