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Thursday, November 13, 2008

लोक-लाज के कारण छुट्टी का कारण बताते शर्म जो आ गई ( वाकया)


क्या कभी ऐसा भी हुआ हैं कि लोक-लाज के कारण छुट्टी का कारण आप नहीं बताना चाहते। ऐसा ही एक वाकया जानकर मैं थोडा अचंभित हुआ हूँ। दरअसल बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में कई महिलाओं की आपस में मित्रता स्कूल के प्रांगण में यूं ही बन जाती है, उनमें बतकूचन भी खूब होता है, कभी बच्चों को लेने स्कूल जल्दी पहुँच गईं तो बतकूचन का दौर लंबा भी हो जाता है, हास-परिहास का दौर तो चलते ही रहता है।

अभी हाल ही में श्रीमतीजी ने एक इसी तरह की महिला की बात बताई जोकि स्कूल में अपने छोटे बच्चे को लेने आती हैं, उस महिला की उम्र लगभग चालीस-पैंतालीस के आसपास होगी। बातचीत के दौर में पता चला कि उन महिला की एक बडी बेटी है जिसकी अभी जल्दी ही अगले महीने शादी होने वाली है, इस कारण अपने बच्चे को, जो कि पहली कक्षा में पढता है, शादी के दौरान अपने साथ गाँव ले जाना है । लेकिन मुसीबत ये है कि छुट्टी मांगे तो कैसे, टीचर सोचेगी कि इनकी बेटी की शादी होने जा रही है और लडका पहली कक्षा में पढ रहा है, इतनी उम्र में ये सब ?

पहले तो मैं भी माजरा नहीं समझ पाया कि आखिर इसमें लाज की क्या बात है, कइयों के बच्चे शादी के काफी दिनों बाद होते हैं तो इसमें असमंजस कैसा.....लेकिन फिर पता चला कि अभी उनकी कुल पाँच बेटियां है, लडके के इंतजार में एक के बाद एक लडकियां होती गई और जब बडी उम्र में छठे पर लडका हुआ तो जाकर खुशी का ठिकाना न रहा, लेकिन यह खुशी यह असमंजस भी ले आएगी, ऐसा उन्होंने न सोचा था।

बातचीत के दौर में अन्य महिलाओं ने हंसते हुए उस महिला को सलाह भी दी कि ,बता दो सही कारण, इसमें इतना शर्माने की क्या बात है, लेकिन उन लोगों की मित्रवत हंसी भी उस लाज को ढंक न सकी और अंत में एक दूसरे उपाय के तहत बात बनाते हुए कारण दिया गया कि घर में किसी और की शादी पड गई है इसलिये जाना पड रहा है।

खैर, अभी तक यह पता चला है कि बच्चे को स्कूल से ले जाने की छुट्टी मिल गई है औऱ वह महिला अब तक स्कूल में अन्य महिलाओं के बीच बतकूचन का मुद्दा बनी हुई है, खुद भी हास-परिहास में शामिल यह कहते हुए कि - इतनी उम्र में....यह सब :)



- सतीश पंचम

14 comments:

ab inconvenienti said...

हा हा हा...... कैसे कैसे लोग हैं, इनको शर्म भी नहीं आती.....इतनी उम्र में....यह सब :)

Udan Tashtari said...

क्या कहें..इस उम्र में..वरना आप कहोगे कि... :)

Tarun said...

लड़के की चाह ने कोई राह नही छोड़ी

ताऊ रामपुरिया said...

हे भगवान् कैसे अंकल आंटी हैं ये ....? पहली की शादी....छठा ..पहली कक्षा में ..... इतनी उम्र में....यह सब ? शिव...शिव...

रंजना [रंजू भाटिया] said...

चलिए शुक्र है कि एक लड़के की आस में पाँच को रहने तो दिया ...अजीब मानसिकता है लड़के लड़की के फर्क को ले कर अभी भी समाज में ..जाने कब यह सुधार आएगा ...

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

अरे! उस महिला को तो सामाजिक रूप से परमवीर चक्र का सम्मान मिलना चाहिए था। इन्ही के कारण तो समाज में लिंग अनुपात कुछ बना हुआ है, और वे हैं कि शर्म से मरी जा रही हैं।

Gyan Dutt Pandey said...

मेरा मंझला मामा मुझसे छ महीना छोटा है!

विष्णु बैरागी said...

आप मियां फजीहत ।

डॉ .अनुराग said...

सब माया है !

रंजना said...

पुत्र की अभिलाषा में पाँच पुत्रियों को जन्म देना और जनसँख्या बढ़ाना यह निश्चित ही निंदनीय है,परन्तु ४५ की उम्र में संतानोत्पत्ती शर्मनाक होनी चाहिए,मैं सहमत नही......मातृत्व लाभ तो किसी भी उम्र में जबतक सक्षम है किया जा सकता है.जितना पुनीत यह,25 की उम्र में है उतनी ही 45 में भी.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

सतीश जी,
आपने तो बड़ी अच्छी चर्चा छेड़ दी। लड़कियों की संख्या बढ़ाकर भी लड़का पाने की लालसा लिंग-अनुपात को ठीक रखने में बड़ी कारगर रही है। यह हमारी पुरातन सोच का एक उज्ज्वल पक्ष है। आधुनिक सोच तो कन्या (भ्रूण) की हत्या करा रही है।

एक रोचक उदाहरण अपने ब्लॉग पर पोस्ट करता हूँ। विषय प्रवर्तन का धन्यवाद।:)

राज भाटिय़ा said...

रंजना जी की बात से मै सहमत हू, कि लडके की चाहत मै...., लेकिन बाकी तो सब नारमल है, क्या ४०,४५ के बाद बच्चा करना शर्म नाक है ? लेकिन क्यो ?? हमारी ऎसी कोई ईच्छा नही लेकिन अगर हो तो ??? नही इस मै शर्म क्यो हां लेकिन कुछ अजीब सा जरुर लगता है

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" said...

संकेत साफ़ है
पुत्र की लालसा से
बेटी का मान रखना ज़्यादा सम्मान जनक स्थिति है

lata said...

ऐसा एक वाक़या मेरे साथ भी हुआ था,
कुछ एक साल पहले मै अपनी एक सहकर्मी के घर पहली बार गई,उसने मुझे अपनी 2 बहनो, मम्मी-पापा से मिलवाया और एक 11-12 साल की बच्ची से मिलाते हुए कहा की वो उसकी मौसी की लड़की है,
बाद मे जब मेरा आना जाना उनके घर बढ़ गया तो काफ़ी बाद मे पता चला को वो उसकी रियल सिस्टर थी :)

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