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Sunday, October 5, 2008

ये है एक अच्छे ब्लॉग की जरूरी खुबियाँ जिन्हें आप अपने ब्लॉग में जरूर देखना चाहेंगे।


एक अच्छे और Standard ब्लॉग की क्या-क्या खुबियाँ होती हैं ये आप लोग जरूर जानना चाहेंगे। आईये देखते हैं आप के ब्लॉग में ये खुबियाँ क्यों और कैसे होनी चाहिये।

1- पेज जल्दी लोड हो - यह किसी ब्लॉग की पहली शर्त है कि वह जल्दी लोड हो और विसिटर को ज्यादा समय ना लगे। यह समस्या भारत जैसे देश जहाँ कि नेट कनेक्टिविटी ईतनी तेज नहीं है, और गंभीर हो जाती है, और जहाँ डायल-अप कनेक्शन हो वहाँ की आप कल्पना कर सकते हैं। पेज लोडिंग के बारे में कुछ चीजों पर हमारा नियंत्रण नहीं हो सकता है और अगर हो भी तो काफी खर्चीला साबित होता है जैसे कि - प्रोसेसर की क्षमता और सर्वर की उपलब्धता। प्रोसेसर की क्षमता धीरे धीरे घटती रहती है और जिसका असर लोडिंग पर और हमारे कम्प्यूटर के और क्रियाकलापों पर पडना लाजिमी है। आप ने ध्यान दिया होगा कि नये पीसी पर तो तेज काम होता है लेकिन एकाध साल गुजरते ही कुछ कमिया देखने मे आने लगती है जैसे हैंक हो जाना या कहीं स्लो डेटा प्रोसेस करना आदि ये सब कम्प्यूटर के अन्य अन्य पारट्स के अलावा प्रोसेसर की क्षमता मे आई कमी के कारण होता है। अब रोज-रोज तो प्रोसेसर बदलने से रहा सो इस पर ध्यान दें।

जहां तक सर्वर की उपलब्धता की बात है वह भी हमारे हाथ मे न के बराबर है, बढते ब्लॉग संख्या, वेबसाईट्स के ईस दौर मे आगे भी सर्वर पर लोड बढने ही वाला है सो हमे अभी से अपने ब्लॉग्स या वेबसाईट्स को ऐसा बनाकर रखना होगा जिससे कि आगे कभी हमारे पेज लोड होने मे ज्यादा समय न लगे। सर्वर पर लोड बढाने वाली चीजों मे बडी ईमेज फाईल्स, heavy data , आदि का मुख्य रोल होता है। सो कोशिश करें कि बडे ईमेज या फाईल्स को अपने वेब पेज या ब्लॉग पर न रहने दे या रखे भी तो उन्हें पहले ही अपने पीसी पर छोटा आकार देकर pixels आदि कम कर दे और तब अपलोड करें।

इसके अलावा Unnecessary Widgets को भी न रहने दे जो कि बिना मतलब के ज्यादा उपयोगी न होते हुए भी वक्त खाते हैं।

ज्यादा चटकदार और आकर्षण के चक्कर में कहीं-कहीं ब्लॉग पर Flash का भी उपयोग किया जा रहा है जो यदि जरूरी न हो तो हटा दें।

ध्यान रखें कि कोई अगर आपकी लेखन शैली को पहले से जानता है, Dedicated visitor है या आप से प्रभावित है तो वह जरूर आपके ब्लॉग के लोड होने मे लगे वक्त को सहन कर लेगा लेकिन जो First Time Visitor है उसके पास इतना धैर्य नहीं होता कि आपको पढने के लिये इतना वक्त लगाये। सो चुनाव आपके हाथ मे है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच जुडना चाहेगे या फिर अपने कुछ परिचित बलॉगर्स के बीच ही रहना जोकि ब्लॉगजगत और आपके लेखन के लिये उचित नहीं प्रतीत होता।

2- कम से कम नेविगेशन रखें - याद रखें आप के ब्लॉग पर आनेवाले लोग किसी ब्लॉग एग्रीगेटर या फीड के जरिये ही ज्यादा आते हैं, सीधे आपके ब्लॉग पर आने वालों की संख्या कम होती है या होती भी है तो परिचित ब्लॉगरों की। सो अपने ब्लॉग पर Unnecessary hyperlinks न रखें जिससे कि user का ध्यान न बंट पाये । User को किसी भी पेज पर आने जाने मे असुविधा या ज्यादा ढूंढना न पडे इसका ध्यान रखना भी जरूरी है। परिचित ब्लॉगर रास्ता ढूँढ लेगे लेकिन उनका क्या जो पहली बार आ रहे हैं। सो ईस बात का हर मामले मे ख्याल रखें की ब्लॉग पर कोई भी चीज रखते या लिंक देते समय First Visitor आपके अवचेतन मन मे होना चाहिये।

3- अच्छे Content को हमेशा पेज के साईडबार मे उपर की तरफ रखें। ऐसा करने के लिये कुछ Psychology का उपयोग किया जा सकता है कि जब आप दुकान में कोई कपडा खरीदने जाते हैं तो अच्छे कपडे या ध्यान खींचने वाले कपडे दुकानदार शो-केस मे सजा कर रखता है और उसे देखकर ही आप अंदाजा लगाते हैं कि क्या कुछ हो सकता है दुकान मे। इसके अलावा एक बात और देखने मे आती है कि जो कपडा आपको पहली नजर मे दिखता है या अचानक भा जाता है उसके बाद दुकानवाला कोई भी कपडा दिखाता है तो वह कम जंचता है। बस यही Psychology यहाँ भी उपयोग मे लाई जा सकती है। पहले उन Contents को रखें जो लगे कि वास्तव मे अच्छे हैं या बाँटने लायक हैं, बाद में अन्य सभी पोस्ट्स।

आप लोगों को अचरज हो सकता है कि ये क्या कोई दुकानदारी है जो शो-केस वगैरह की बाते हो रही हैं.......नहीं यह कोई दुकानदारी नहीं है लेकिन एक प्रकार से अपने आपको और अपने ब्लॉग को प्रस्तुत करने का तरीका भर है। याद रखें आपका ब्लॉग आपको ही पेश कर रहा है चाहे वह विचारों के जरिये हो या फिर Contents के जरिये।

4- Scrolling - अपने ब्लॉग लेआउट मे स्क्रीन साईज / page size का ख्याल रखें। वह स्क्रीन से बाहर न जाने पाये। याद रखें कि Web मे कई प्रकार के सर्वमान्य नियम खुद-ब-खुद माने जाते हैं कि Horizontal Scrolling की बजाये Vertical scrolling को तवज्जो देनी चाहिये। Horizontal Scrolling से User/ Visitor का ध्यान बंटता है जो उचित नहीं है।

5- Content - ऐक मुख्य बात का भी ध्यान रखें कि आपके Contents अच्छे और रोचक हों। कुछ भी आँय-बाँय लिखने से केवल अपने मन को संतुष्टि मिलती है लेकिन वह खोखली न हो इसका भी ख्याल रखें। अगर लिखना ही है अपने मन का तो एक डम्मी ब्लॉग बना सकते हैं जिसे कि आप और केवल आप ही देख सकते हैं। सेटिंग्स के जरिये उसे सर्च इंजिनों की नजरों से दूर भी रख सकते हैं। गुगल ने शायद ऐसे आयँ-बाकीयों की चाहत पहले ही भाँप ली थी सो यह ऑप्शन सेटिंग्स में ऱखा गया है कि आप अपने तक ही ब्लॉग सीमित रखें।

ऐसा नहीं है कि मैं सिर्फ लोकलुभावन या गुडी-गुडी लिखने को कह रहा हूँ......वरन एक ढंग का लिखने को कह रहा हूँ जो विचार-विमर्श या कहें मुद्दे को सामने रख सके ऐसे लेखन को कह रहा हूँ।

इसी खूबी का ईस्तेमाल आप एक Test Blog बनाने मे कर सकते हैं जहाँ आप रंगो आदि का या Widgets आदि की टेस्टिंग कर सकते है कि क्या ये वाकई मेरे Published Blog पर अच्छा लगेगा या नहीं।

6- Uniquness - आपके ब्लॉग मे वो Uniqueness क्षमता होनी चाहिये जिसे Visitors आसानी से पहचान सकें या दूसरे शब्दों मे कहे तो याद रख सकें जैसे कि पेज कलर या फिर Focussed contents जैसे कोई व्यंग्य पर Focussed हो या फिर कोई Technique पर या कोई कहानी, कविता आदि पर।

अब इतना सब पढने के बाद आप कहेगे भाई आप तो Standardization के नाम पर न जाने कौन से अफलातूनी दुनिया के ब्लॉग लिखने को कह रहे हैं तो मेरा मानना है कि हर कोई ब्लॉग अपने आप मे संपूर्ण होता है, बस पैमाने अलग हो सकते हैं....कोई तकनीक के मामले मे तो कोई कहानी, कविता या विचार के मामले में, सो बिना हिचक बस लिखते रहें, सटीकता खुद-ब-खुद आने लगती है। (अभी मैं भी उस सटीकता को खोज रहा हूँ.....ससुरी न जाने कहाँ खुशहाली बाँटते फिर रही है :)


अंतत: माईक्रो फुल्कारी

फिलहाल गुगल पर बढते सर्वर लोड और पोस्ट की घटती लोडिंग स्पीड को देखते हुए मैं चाहूँगा कि मेरा घर गुगल के Office के बगल मे हो और कोई पोस्ट लिखने के बाद जब अपने गैलरी मे खडे होकर आवाज लगाउं तो वहाँ से किसी की आवाज आनी चाहिये ......... हाँ, पोस्ट पहुँच गई है :D

- सतीश पंचम

19 comments:

Suresh Chiplunkar said...

ठीक है सर जी, गूगल को आपकी अर्जी पहुँचा देंगे, उनसे कहेंगे कि हो सके तो भाई साहब के घर तक रसीद भी पहुँचा दें… :)

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत उपयोगी जानकारी दी आपने ! धन्यवाद !

भूतनाथ said...

बहुत बढिया है सर जी ! शायद हमको ध्यान देना पडेगा ! धन्यवाद इस उपयोगी जानकारी के लिए !

राज भाटिय़ा said...

सतीश जी यह बुराईया मेरे बांलग पर है, लेकिन क्या करु, मजा आता है, वेसे आप ने बहुत अच्छी ओर उपयोगी जान कारी दी है
धन्यवाद

कविता वाचक्नवी said...

छोटी- छोटी,महत्वपूर्ण,काम की बातें।

Udan Tashtari said...

हाँ भई, यह उपयोगी जानकारी के साथ पोस्ट पहुँच गई है और अब नई पोस्ट भेजो.

लवली said...

आपकी नसीहत अमर जी के ब्लॉग पर देखि ,लगे हाँथ अनुशंसा भी कर आई :-) ..काफी अच्छी जानकारी .

राजेश चौधरी said...

सतीश जी, अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद्.

venus kesari said...

रोचक जानकारी देने के लिए धन्यवाद वीनस केसरी

dr. ashok priyaranjan said...

upyogi jaankari key liye dhanyawad

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

1-यह किसी ब्लॉग की पहली शर्त है कि वह जल्दी लोड हो और विसिटर को ज्यादा समय ना लगे।
2-अच्छे Content को हमेशा पेज के साईडबार मे उपर की तरफ रखें।
3-अपने ब्लॉग लेआउट मे स्क्रीन साईज / page size का ख्याल रखें। वह स्क्रीन से बाहर न जाने पाये।
4-मुख्य बात का भी ध्यान रखें कि आपके Contents अच्छे और रोचक हों।
5-ब्लॉग मे वो Uniqueness क्षमता होनी चाहिये जिसे Visitors आसानी से पहचान सकें।

सतीश जी, अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद्.
आपकी इन बातों से, वैसे ट्रायल & एरर के सिद्धांत से सबको यह जल्दी ही समझ में आ जाता है।

Gyandutt Pandey said...

तीसरे आइटम पर मैं भी सोचता हूं; पर आलस्य हावी हो जाता है! :-)

neeshoo said...

सतीश जी ।अच्छी जानकारी दी ।धन्यवाद

रंजन said...

सही कहा.. पर लालच है क्या करु नये widget जोड़ने का.:)

rakhshanda said...

बहुत अच्छी जानकारी सतीश जी, ऐसे लेखों की बेहद ज़रूरत भी है हम सभी को, आपका बेहद शुक्रिया...

शोभा said...

वाह! बहुत खूब. काफी अच्छी और उपयोगी बातें बताई हैं अपने. आभार.

डॉ .अनुराग said...

बहुत उपयोगी जानकारी दी आपने ! धन्यवाद !

अशोक पाण्डेय said...

उपयोगी जानकारी के लिए आभार।
गूगल तक आपकी अर्जी पहुंचाने में हम भी सुरेश जी के साथ हो लेंगे :)

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

जानकारी के लिए धन्यवाद!

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