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Friday, September 5, 2008

चिठीया हो तो हर कोई बांचे....हीरामन भाय (फुलकारी)



जब से न्यूक्लीयर डील की एक चिट्ठी पर बवाल मचा है, हीरामन गाये जा रहे हैं.... चिठिया हो तो हर कोई बांचे, भाग ना बांचे कोई,.....करमवा बैरी हो गई हमार.....और लोग हैं कि बोली-ठोली बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं.....पहले ही चेता दिया था कि द ग्रेट भारत नौटंकी के बारे में सब लोग हाथ में गंगा उठा कर कसम खा लेना कि कोई कहीं चर्चा न करे लेकिन लालमोहर जो न कराये सो कम है। कहा था कि देस मुलुक की जनाना नहीं है कि लटपट बात सुन कर चुप रह जाय, ई न्यूक्लीयर डील पच्छिम की है पच्छिम की, आखिर उस पछाही न्यक्लीयर डील ने एक चिट्ठी से भेद खोल दिया, अब लो अपना मुह ले के बैठे रहो। और वो पलटा....कह रहा है चिट्ठी के बारे में जब से जानकारी मिली है.....हम बहुत दुविधा में है......अरे तब नहीं जानते थे जब समर्थन करने संसद के कुएं (Well) में कूदे थे......आज आये हैं दुविधा देखाने......जा रे जमाना।

इधर हीरामन अपने बैलों पर गुस्सा उतार रहे हैं........कान चुनिया कर बात सुनने से रस्ता नहीं कटेगा.......जल्दी- जल्दी पैर बढाओ......और हां .....खाओ कसम की आज के बाद कभी न्यूक्लीयर डील की लदनी नहीं लादोगे।

भाय लोगन, अब देखते हैं कि ये कसम आगे-आगे क्या गुल खिलाती है...........जा रे जमाना।

- सतीश पंचम


यह अगाही पोस्ट मेरी पिछली पोस्ट फिल्म तीसरी कसम और न्यूक्लीयर डील की पछांही पोस्ट है। :D

6 comments:

Udan Tashtari said...

हम भी यही कहेंगे-आगे आगे देखिये, होता है क्या!!!

दिनेशराय द्विवेदी said...

सुन्दर!

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सटीक ! आगे का इंतजार हमको भी है !
बेहतरीन लिखा आपने ! धन्यवाद !

अनुराग said...

हम भी देखे इ बैलगाडी कहाँ तक जावत है ?

राज भाटिय़ा said...

भाई यह बेल गाडी कही भी जाये, लेकिन इस बेल गाडी के नीचे कितने ही आ कर मर गये,ओर इस आगे आगे भी कुछ ऎसा ही हो गा...

Dr. Nazar Mahmood said...

bhai satish
nuclear deal ka jab wabal chal raha tha tab bhi america ne kahan kaha tha ke agar hum test karenge toh woh hume deal nahi khatam karlega, magar is deal se aur deshon ke saath uranium kharidne ka rasta toh khul jayega, yehi hamari jeet hai, aur maan lo ke dosre desh bhi hum se deal per kaaam karne se mana kardenge toh kya hoga, wohi jo abhi ho raha hai ke hum uranium nahi kharid sakenege, bas isse zyaada kya ho sakta hai,

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