सफेद घर में आपका स्वागत है।

Sunday, July 6, 2008

भारतीय क्रिकेट टीम को कर्ण का श्राप लगा है

लगता है भारत की क्रिकेट टीम को कर्ण का श्राप लगा है , जैसे कर्ण को श्राप लगा था की जब तुझे अपने हथियारों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी तब ये तेरा साथ नहीं देंगें, वैसे ही भारत की टीम फाईनल मैच मे अक्सर हारती नजर आती है। अभी पिछले फाईनल मे हार पचा भी नही था की इस बार फ़िर हार हो गयी। वर्ल्ड कप मे भी यही हाल हुआ, सभी सीसन के मैच हमने ठीकठाक खेले, लेकिन जब वर्ल्ड कप मे खेलने का वक्त आया तो बरमूडा छोड़ कोई और हमसे कमजोर न निकला। याद है बरमूडा के उस खिलाडी Levrock ने जब उथप्पा का कैच लिया था तो वो कितना खुश हुआ था , आज भी लोग उसे रियल खुशी मानते हैं, तब कमेंटेटर ने कहा था की बरमूडा के खिलाड़ी जीवनयापन के लिए अन्य काम धंधे करते हैं, क्रिकेट तो केवल टाईम पास के लिए खेलते हैं। आज सोचता हूँ की हमारे क्रिकेटर भी तो यही करते हैं , जीवनयापन के लिए अन्य काम धंधे करते हैं, कोई रेस्टोरेंट खोल रहा है , कोई विज्ञापन कर रहा है , तो कोई कमेंटरी , जब क्रिकेट खेलने का वक्त आता है तो कोई सहवाग से परमीशन लेकर आधे घंटे के लिए मॉडलिंग कर आता है तो कोई अपनी पत्नी के लिए होटल मे सुइट बुक न होने से नाराज हो जाता है । हमारे खिलाड़ी क्रिकेट खेलते कब हैं, समझ ही नही आता। तब सोचता हूँ की कमेंटेटर ने जो बात बरमूडा के लिए कही थी , वही बात भारत के खिलाड़ियों के लिए भी कही जा सकती है , यानी - जीवन यापन के लिए अन्य काम धंधे करते हैं, क्रिकेट तो केवल टाईम पास के लिए खेलते हैं।
उस कैच का क्लिप देखने के लिए यहां क्लिक करें। बहुत ही मजेदार कैच था , क्लिप देखने के बाद अपनी राय जरूर दें , आपकी राय का इंतजार है।

7 comments:

रंजन said...

अनुभवहीन टीम फाईनल नहीं जीत सकती....

Gyandutt Pandey said...

कर्ण और क्रिकेट! वाह!

राज भाटिय़ा said...

भाई हमारे खिलाडियो को जीतने मे शर्म आती हे हारने मे नही, निक्कमे खिलाडी जिस भी चीज की मॉडलिंग करे उसे कोई मत खरीदो फ़िर देखॊ...

pallavi trivedi said...

badhiya vishleshan...

छत्तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari said...

आभार भाई साहब, लगता है हमारे अग्रज शिवकुमार जी मिश्र की नजर नहीं पड पाई इस पोस्ट पर । दुर्योधन की डायरी से कर्ण निकल कर कहां कहां हाथ पांव मार रहा है ।

अनुराग said...

चिंता न करे ..अधिक क्रिकेट की वजह से बर्न आउट है वरना मेरी सोच में इस वक़्त अब तक की सर्वश्रेष्ट भारतीय टीम है..

अनूप शुक्ल said...

वो कैच लेकर तो ऐसे भाग रहा है बेचारा जैसे गेंद चुराकर भाग रहा है।
भारतीय खिलाड़ी जीतें न जीतें लेकिन पसीना बहुत बहाते हैं इसमें कोई शक नही हैं न! खेलने के अलावा और भी तमाम काम करने होते हैं। उनमें भी पसीना बहता है।

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'

फोटो ब्लॉग 'Thoughts of a Lens'
A Photo from - Thoughts of a Lens

ढूँढ ढाँढ (Search)

© इस ब्लॉग की सभी पोस्टें, कुछ छायाचित्र सतीश पंचम की सम्पत्ति है और बिना पूर्व स्वीकृति के उसका पुन: प्रयोग या कॉपी करना वर्जित है। फिर भी; उपयुक्त ब्लॉग/ब्लॉग पोस्ट को हापइर लिंक/लिंक देते हुये छोटे संदर्भ किये जा सकते हैं।




© All posts, some of the pictures, appearing on this blog is property of Satish Pancham and must not be reproduced or copied without his prior approval. Small references may however be made giving appropriate hyperlinks/links to the blog/blog post.